
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी तुरंत प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एस.एल. नवरत्न को दी गई। इसके बाद श्री नवरत्न ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पीएचई समेत संबंधित अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई।

बैठक में जिले में पेयजल की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बीमारियों की रोकथाम को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर पानी की जांच, दवाइयों की उपलब्धता और जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
गौरतलब है कि तरौद में बीते कुछ दिनों से डायरिया के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब तक एक मौत हो चुकी है और कई लोग बीमार हैं। ऐसे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की यह पहल लोगों को राहत देने और प्रशासन को सतर्क करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।




















