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बाल अधिकारों के बीज को लगाया था, आज वह वटवृक्ष बनकर फल-फूल रहा है – राज्य आयोग के स्थापना दिवस पर बोले प्रथम अध्यक्ष

रायपुर,: पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  शामिल हुए और बाल अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘सार्थक’ एवं ‘रक्षक’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोग ने बाल अधिकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं छात्राओं को सम्मानित किए।

समारोह में विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, राज्य वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में मुख्यमंत्री ने अभियान का झंडी दिखाकर उद्घाटन किया और कहा कि ‘सार्थक’ अभियान के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर काम किया जाएगा, जबकि ‘रक्षक’ अभियान की जिम्मेदारी समाज के हर वर्ग को बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की प्रेरणा देगी।

विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल आयोग के प्रथम अध्यक्ष यशवंत जैन ने भावुक शब्दों में याद किया कि 15 वर्ष पूर्व 17 जून को उन्हें बाल अधिकार संरक्षण आयोग की बागडोर संभालने का सौभाग्य मिला था। जैन ने कहा, “आयोग को एक नन्हें पौधे की तरह रोपकर संजीवनी देने का काम मैंने उस समय अपने कर्तव्य में समझा। आज बच्चों के अधिकारों की रक्षा में आयोग की सक्रिय भूमिका देखकर मुझे आत्मिक तृप्ति मिलती है।

यशवंत जैन के इस उद्गार ने उपस्थित जनमानस को गहराई से प्रभावित किया और बाल अधिकारों की रक्षा में सतत योगदान के महत्व को रेखांकित किया। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को शाल व प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर बधाई दी और कहा कि आयोग के प्रयासों से राज्य में बाल सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।

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