रायपुर, वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान वय-वंदना योजना’ में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने अब तक 3 लाख 60 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को वय-वंदना कार्ड प्रदान कर देश में 5वां स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
यह योजना अक्टूबर 2024 में देशभर में शुरू की गई थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में राज्य ने नवंबर 2024 के बाद पंजीयन की रफ्तार को तीव्र किया। विशेष शिविरों के माध्यम से जिलों में व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
वय-वंदना कार्ड के जरिए 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी जाती है। पंजीयन के लिए आधार कार्ड जरूरी है, और इसे नजदीकी शासकीय अस्पताल, सीएमएचओ कार्यालय या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से बनवाया जा सकता है। साथ ही, टोल फ्री नंबर 104 या आयुष्मान भारत ऐप के जरिए भी पंजीयन संभव है।
राज्य सरकार ने उन 6 जिलों को “वय-मित्र” जिले घोषित किया है, जहां 60% से अधिक पंजीयन हो चुके हैं। इन जिलों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं चलाई जा रही हैं जैसे कि:
वय-मित्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
मोबाइल मेडिकल यूनिट से दूरस्थ इलाकों में सेवाएं
टेली-मेडिसिन व मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग
‘सियान-जतन शिविर’ का साप्ताहिक आयोजन
आयुष चिकित्सा पद्धति और मोतियाबिंद जांच जैसी सेवाएं
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय है, बल्कि यह वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सम्मान के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।




















