नई दिल्ली/कोलकाता – भारत पाकिस्तान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई करते नजर आ रहे है 8 मई को भारत ने जहां पाकिस्तान के खिलाफ अपने आक्रमण को तेज करते हुए आज सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को निशाना बनाया। भारत ने भी पाकिस्तान की तरह ही उसी क्षेत्र में और उसी तीव्रता से जवाब दिया है। लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को निष्प्रभावी करने की जानकारी विश्वसनीय रूप से मिली है।
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में मोर्टार और भारी तीव्रता की तोपों का प्रयोग करते हुए नियंत्रण रेखा के निकट अकारण गोलीबारी में तेजी से बढ़ोत्तरी की है।
पाकिस्तान द्वारा की गई गोलीबारी के कारण तीन महिलाओं और पांच बच्चों सहित सोलह निर्दोष लोगों की मृत्यु हुई है। भारत ने पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और तोपों की अकारण गोलीबारी का उचित उत्तर दिया है। तो दूसरी तरफ स्वदेशी जलपोत भारतीय नौसेना को सौप दिया है

इस युद्धपोत को जीआरएसई ने लार्सन एंड टुब्रो शिपयार्ड के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत भारतीय शिपिंग रजिस्टर (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार डिजाइन और निर्मित किया है जो सहयोगात्मक रक्षा विनिर्माण में हुई प्रगति को दर्शाता है।
अर्नाला का नाम महाराष्ट्र के वसई में स्थित ऐतिहासिक किले ‘अर्नाला‘ पर रखा गया है, जो भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रतीक है। 77 मीटर लंबा यह युद्धपोत, डीजल इंजन-वॉटरजेट संयोजन द्वारा संचालित भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा युद्धपोत है। जहाज को पानी के नीचे निगरानी रखने, तलाश और बचाव कार्यों और कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन (एलआईएमओ) के लिए तैयार किया गया है। यह जहाज तटीय जल में एंटी-सबमरीन वारफेयर संचालन में सक्षम है, साथ ही यह माइन बिछाने की उन्नत क्षमता से युक्त है। एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट पोत के शामिल होने से भारतीय नौसेना की उथले पानी की पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमता में बढोतरी होगी।
अर्नला की सुपुर्दगी 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ स्वदेश में जहाज़ निर्माण के भारतीय नौसेना के लक्ष्य और सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत‘ के दृष्टिकोण पर आगे बढ़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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