बालोद-भौतिकता की चकाचौंध को दुखों एवं कर्मबन्धन का कारण मानने वाली नेहा डोसी संयम एवम आध्यत्म के मार्ग को आत्मसात करने जा रही है। बालोद जिले के डौंडीलोहारा के डोसी परिवार की लाडली नेहा सारे नाते-रिश्तों को छोड़कर कठोर साधना के मार्ग को अंगीकार करने जा रही है।स्व महेन्द्रडोसी, नैनी डोसी की सुपुत्री नेहा का 4 जून 2025 को बीकानेर राजस्थान में दीक्षा होने जा रही है।दीक्षा से पूर्व दीक्षार्थी का विभिन्न संघों द्वारा अभिनंदन किया जाता है इसी क्रम में जैन श्री संघ द्वारा मुमुक्षु बहना नेहा का अभिनंदन किया गया ।इस अवसर पर नेहा ने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है,मनुष्य जीवन मे ही आत्मा का कल्याण संभव है अतः अपने पूर्व के कर्मो का क्षय करने एवम मोक्ष मार्ग का अनुगामी बनने मैं आचार्य राम गुरु की शिष्या बनकर संयम जीवन धारण करने जा रही हूं आप सभी का आशीर्वाद मेरा मार्ग प्रशस्त करेगा। मेरे द्वारा कभी किसी को कष्ट पहुंच होतो मुझे क्षमा करेंगे। इस अवसर पर कंवरलाल रतनबोहरा, महेंद्र नाहर ,चंदा बुरड़ ने पूरे श्री संघ की ओर से अपने वक्तव्य में उनके संयम जीवन की अनुमोदन की एवम इस मार्ग पर चलकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करे यह कामना की। जैन श्री संघ के अध्यक्ष ताराचंद सांखला,सचिव मांगीलाल ढ़ेलडिया ,रूपचंद गोलछा, भंवरलाल नाहटा, मनोहर नाहटा ,प्रकाश नाहटा,सुभाष चोपड़ा,महेन्द्र नाहर, मुकेश भंसाली,गोलू चौरड़िया, बालचंद नाहटा, संजय ढ़ेलडिया, कमल पारख तथा समता नवयुवक मंडल एवम समता महिला मंडल के सदस्यों ने मुमुक्षु बहना एवम उनके परिजनों का सम्मान किया।
अब डौंडीलोहारा की ये बेटी लेगी दीक्षा..4 जून को राजस्थान के इस शहर में होगा दीक्षा.. दीक्षा से पहले नेहा ने क्या कहा…




















