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बालोद। बालोद जिले में पटवारियों की ऑनलाइन अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। जिसके कारण कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। वहीं इस हड़ताल के चलते क्षेत्र के लोगों को काम कराने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पटवारियों ने शासन से ऑनलाइन कार्य करने राशि की मांग को लेकर ऑनलाइन कार्य करना बंद कर दिए हैं।दरअसल, 15 दिसंबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश पटवारी संघ पूरे प्रदेश में ऑनलाइन कार्य नहीं करने हड़ताल की घोषणा की थी। जिसका बालोद जिले के पटवारियों ने भी समर्थन दिया है। वहीं पटवारियों के इस हड़ताल के कारण खसरा, विवन, डिजिटल सिग्नेचर, धान बेचने, रकबा में सुधार जैसे काम प्रभावित हो रहे है। लोग अपने कामों को पूरा कराने के लिए पटवारी दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर है। प्रदेशभर के 5 हजार पटवारी इन दिनों ऑनलाइन काम ठप कर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं। उनके इस बस्ताबंद आंदोलन से लोग नक्शा, खसरा के लिए भटक रहे हैं। यही नहीं, बटांकन और नामांतरण का कार्य भी इससे प्रभावित हुआ है। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के आव्हान पर राज्य के पटवारी 16 दिसंबर से आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराने के विरोध में सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों और प्रशिक्षण का बहिष्कार कर विरोध जता रहे हैं। दरअसल, वर्तमान में राजस्व संबंधी सभी कार्यों को भुइंया पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया गया है, इसके अलावा अधिकतर कार्य जैसे कृषि संगणना, फसल कटाई प्रयोग भी ऑनलाइन मोबाइल एप अथवा कंप्यूटर के माध्यम करना होता है। राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश साहू ने कहा कि ऑनलाइन कार्यों के लिए आज तक प्रदेशभर पटवारियों को किसी भी प्रकार का संसाधन और संसाधन भत्ता उपलब्ध नहीं कराया गया है। राजस्व पटवारी संघ ने कई बार शासन तक अपनी समस्या पहुंचाई, पर अब तक किसी तरह की पहल नहीं होने से प्रदेशभर के हजारों पटवारी निराश हैं। समस्या का निराकरण नहीं होने की स्थिति में हमने 16 दिसंबर से सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया है।