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अर्जुंदा में डॉक्टरों से मारपीट मामले में पुलिस पर आरोपियों से बर्बरता और गलत कार्यवाही का आरोप … आरोपी प्रवीण के पिता का शव थाने के सामने रखकर किया प्रदर्शन…

 

बालोद – बालोद जिले के अरजुंदा अस्पताल 15 सितंबर को डॉक्टरों से मारपीट के बाद पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ किए कार्यवाही को लेकर कांग्रेस समर्थित गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद अरजुंदा थाने के सामने धरने पर बैठ गए है.। मामले विधायक ने पूर्व में डाक्टरों से हुए मारपीट के आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्यवाही के नाम पर आरोपियों के खिलाफ ज्यादती करते हुए मारपीट करने तथा गलत धाराएं लगाकर जेल भेजने का आरोप लगाते नजर आए वही गिरफ्तार आरोपियों में से एक आरोपी प्रवीण चंदेल के पिता का आज रायपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया और अब परिजनों द्वारा पिता के अंतिम संस्कार के लिए प्रवीण को जमानत में छुड़ाने के लिए विधायक से भी गुहार लगाए लेकिन आरोपियों के खिलाफ कई प्रतिबंधित धाराएं लगे होने तथा शासकीय अवकाश होने के कारण उन्हें आज जमानत नही मिल पाई जिसके चलते आज आरोपी प्रवीण के पिता का भी अंतिम संस्कार नही हो पाया। जिसके बाद अरजुंदा में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई और विधायक कुंवर सिंह निषाद आरोपी प्रवीण चंदेल के पिता का पार्थिव शरीर को थाने के सामने रखकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। तथा मामले में अब दोषी पुलिस अधिकारी कर्मचारी पर कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे।वही मामला बिगड़ते देख मौके पर एडिशनल एसपी अशोक जोशी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधायक सहित परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूरे मामले में आपको बताते 15 सितंबर को अरजुंदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों से मारपीट के आरोप में पुलिस द्वारा पहले 3 युवक सूर्यकांत शर्मा, सन्नीजीत तिवारी, प्रवीण चंदेल को गिरफ्तार किया था और उसके बाद तीनो ही आरोपी को पुलिस द्वारा मुचलका जमानत पर छोड़ दिया था जिसके बाद डॉक्टरों ने ओपीडी बंदकर आरोपियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे जिसके बाद पुलिस ने 2 आरोपी सूर्यकांत शर्मा, प्रवीण चंदेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि एक आरोपी आज भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर है।

 

 

 

बहरहाल पूरे मामले में ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस की समझाइश के बाद आरोपी के पिता के पार्थिव शरीर को मर्चुरी भेज दिया गया तथा विधायक के मांग के बाद जिस 3 पुलिसकर्मी विश्वजीत मेश्राम वीरेंद्र साहू, पुराणिक साहू पर आरोपियों से मारपीट का आरोप लगा था उन्हें रायपुर अटैच करने के आश्वाशन के बाद मामले का पुनः जांच के आश्वाशन के बाद मामला शांत हुआ है।

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