प्रदेश रूचि

भर्रीगाँव पुरुर में आयोजित कर्मा जयंती कार्यक्रम में उमड़े समाज के लोग…कार्यक्रम में शामिल जिपं अध्यक्ष बोले साहू समाज प्रदेश के विकास में महती भूमिका निभा रही हैराज्यपाल रमेन डेका से मिले जिले भाजपा नेता..औपचारिक मुलाकात कर किए ये चर्चाराज्यपाल रमेन डेका ने प्रशासनिक बैठक गिरते जलस्तर पर जताई चिंता…तो वही सड़क दुर्घटना ,अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने सहित दिए ये निर्देशमेढ़की में आतिशबाजी और कलश यात्रा निकालकर मनाया गया कर्मा जयंती…नवनिर्वाचित पंच और कांग्रेस जिलाध्यक्ष का हुआ सम्मानछग के राज्यपाल का बालोद दौरा..हितग्राहियों और लखपति दीदियों से किए मुलाकात…अधिकारियो के साथ बैठक में दिए ये निर्देश


प्री मानसून की खतरनाक एंट्री.. आंधी तूफान और आकाशीय बिजली से उखड़े कई विशाल पेड़…रात भर दहशत में गुजारे लोग

बालोद- जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में शुक्रवार की रात को तेज आंधी तूफान व गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई हैं।वही बारिश होने से लोगो को उमेश भरी गर्मी से राहत मिली हैं। वही शुक्रवार की रात को हो रही बिजली की गड़गड़ाहट से लोग दहशत में है। बालोद शहर से 2 किमी दूरी पर स्थित ग्राम मेढ़की से लगे खार में बीती रात को बबुल के विशाल पेड़ में आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ भागों में बट गई है। पेड़ का डंगाल इधर उधर बिखरा हुआ है।बारिश के बाद किसानी कार्य भी शुरू हो जाएगी।किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे लेकिन अब किसान खेती की ओर रुख करेंगे। लगातार बारिश के कारण खेतों में बारिश का पानी लबालब भर गया है। तेज हवा के साथ हो रही बारिश के कारण विद्युत आपूर्ति भी घ़टो बाधित रही।

मेढ़की के खार में बीती रात को बबुल के विशाल पेड़ में आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ बट कई भागों में

बालोद से लगे ग्राम मेढ़की में शुक्रवार की रात को तेज बारिश के दौरान तेज हवाओं के साथ हुई तेज बरसात के साथ आकासीय बिजली बबुल के विशाल पेड़ पर गिरने से बबूल का पेड़ कई भागों में बट गया। बालोद ब्लाक के मेढ़की गांव में आकाशीय बिजली की तड़तड़ाहट हुई और बबूल के पेड़ पर अचानक अकासीय बिजली गिरने से कई भागों में फट गया ।रात में होने के कारण किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।


बिजली की गड़गड़ाहट से लोग दहशत में

शुक्रवार की रात में अचानक 8 बजे के बाद मौसम ने बदलाव हुआ तो काली घटा छाने लगी और जमकर बारिश हुई। तेज बिजली की गड़गड़ाहट ने सब को दहशत में डाल रखा था। लोग भगवान से यह प्रार्थना भी करते रहे कि गर्जना कम हो जाए भले बारिश हो। लेकिन बारिश से ज्यादा गर्जना होती रही और लोग अपने घरों में दुबके रहे। स्थिति यह थी कि लोग घर के बाहर रखे सामानों को भींगने से बचाने के लिए भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, क्योंकि बिजली इतनी कड़क रही थी कि आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ था। ऐसे में रात को लोग डरे सहमे भी रहे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!