जलेश्वर महादेव को दूध शहद व मिश्री से किया जलाभिषेक
जिले के सबसे बड़े धार्मिक स्थल दशोदी तालाब स्थित विशाल जलेश्वर महादेव में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जलेश्वर महादेव के प्रमुख यज्ञदत्त शर्मा व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रजना शर्मा द्वारा दूध शहद व मिश्री से जलाभिषेक किया गया।दशोदी तालाब स्थित जलेश्वर महादेव में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तो की भारी भीड़ रही।
शिव मंदिरों में रही श्रद्धालुओं की भारी भीड
महाशिवरात्रि और हर शिवालय शिव मंदिर में भगवान शिव की विशेष पूजा की गई। जिले के प्रसिद्ध कपिलेश्वर, जलेश्वर व हनुमान मंदिर, बूढ़ादेव (भोथली), कमरौद हनुमान मंदिर, चौरेल शिव मंदिर, बोड़की स्थित शिव हनुमान मंदिर में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की गई।
1008 दीपों से जगमगा उठा कपिलेश्वर मंदिर
कपिलेश्वर मंदिर, बावड़ी के चारों ओर खड़े होकर भक्तों ने लगाए हर-हर महादेव के जयकारे।
महाशिवरात्रि पर्व पर शनिवार शाम 7 बजे शहर के नयापारा स्थित कपिलेश्वर मंदिर में महाआरती हुई। इस दौरान मंदिर परिसर 1008 दीपों से जगमगाया। यहां पहुंचने वाले हर भक्त दीप लेकर पहुंचे थे। जो आकर्षण का केंद्र रहा। बावली के चारों ओर खड़े होकर भक्तों ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। देर शाम तक धार्मिक आयोजन व प्रसाद वितरण हुआ।
शिव की आराधना में लीन रहे भक्त
महाशिवरात्रि को देखते हुए सुबह से ही शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। जलेश्वर महादेव व कपिलेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ रही।महाशिवरात्रि पर शिव भक्तों ने ब्रम्हमुहूर्त में उठकर व स्नान कर शिव जी की आराधना में लग गए थे। जिले भर के शिव मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा किया गया। सुबह से शाम तक नम: शिवाय का ही जाप चलता रहा। जगह-जगह भंडारा प्रसाद का वितरण भी किया गया