
बालोद।मुख्यमंत्री समग्र व मनरेगा के तहत जिला मुख्यालय से लगे ग्राम मेढ़की में 52 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा है। प्रारंभ करने से पहले कार्य स्थल में सूचना पटल लगाया जाता है, लेकिन विभाग द्वारा यहां निर्माण कार्य से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गई है। इससे लोगों को मिनी स्टेडियम के लागत की जानकारी नहीं मिल पा रही है। वहीं विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे ठेकेदार निर्माण कार्य में मनमानी कर रहा है।
जब से मिनी स्टेडियम का निर्माण चालू हुआ है तब से लेकर आज तक ठेकेदार के द्वारा कछुआ गति से कार्य प्रारंभ किया है। वही घटिया मटेरियल का उपयोग कर निर्माण कार्य में अनियमितता बरती जा रही है।जानकारी के अनुसार मिनी स्टेडियम में दो रूम, लेट बाथ,सामने मंच और मैदान के चारो तरफ बाउंड्रीवाल बनाया जाएगा। जहा वर्तमान में केवल दो रूम लेट बाथ और सामने मंच बनाने का कार्य किया जा रहा है।
कछुआ गति से चल रहा मिनी स्टेडियम का निर्माण
मिनी स्टेडियम निर्माण में पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदार द्वारा अभी तक सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है।जिसके वजह से लोगों को यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि स्टेडियम निर्माण में कितने की लागत राशि प्राप्त हुई है। निर्माण कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए सूचना पटल का लगना अनिवार्य होता है। जिसको ठेकेदार द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया है। ठेकेदार को बड़े नेताओं के संरक्षण मिलने के कारण उनका हौसला और भी बढ़ता जा रहा है। विभागीय व ठेकेदार की उदासीनता के कारण ही स्टेडियम निर्माण कछुआ गति से चल रहा है।
कार्य स्थल में नही लगाया गया सूचना पटल
मुख्यमंत्री समग्र व रोजगार गारंटी मनरेगा योजना के तहत जिला मुख्यालय से लगे ग्राम मेढ़की में 52 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा है।
प्रारंभ करने से पहले कार्य स्थल में सूचना पटल लगाया जाता है, लेकिन विभाग द्वारा यहां निर्माण कार्य से संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जबकि कोई भी शासकीय कार्य प्रारंभ करने से पहले वहां पर कार्य का नाम, प्रशासनिक स्वीकृति राशि , दर, कार्य प्रारंभ एवं कार्य पूर्ण होने की तारीख की जानकारी प्रदर्शित करना होता है ताकि निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और लोग गड़बड़ी की शिकायत संबंधित अधिकारी से कर सकें। मगर यहां तकनीकी विवरण का कोई भी सूचना पटल नहीं लगाया गया है। मिनी स्टेडियम में दो रूम, लेट बाथ,सामने बनाया जा रहा है। मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य के बारे में ग्रामीणों को पता ही नहीं कौन से विभाग का है , कितनी लागत राशि से स्टेडियम बन रही है।