इस दौरान घनश्याम पुरी नेत्र सहायक अधिकारी के द्वारा जानकारी दिया गया कि 25 अगस्त से 8 सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाडा पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में 15 से 20 हजार व्यक्ति आँख में सफेदी व कॉर्नियल ओपेसिटी के कारण अपनी नेत्र ज्योति खो चुके है ऐसे लोगो का मात्र एक ही इलाज है नेत्रदान से प्राप्त आंख से कार्निया प्रत्यारोपण है,नेत्र दान में जब इंसान की मृत्यु होती है तो 6 घंटो के भीतर नेत्रदान हो जाना चाहिए ,मृत्यु उपरांत आंखों को खुला नही रखना है
आंखों के पलको पर गीली रुई या बर्फ का टुकड़ा रख देवे ताकि आँख सूख न सके,नेत्रदान किसी भी उम्र कोई भी लिंग का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है चाहे व नेत्र ऑपरेशन करा लिया हो या चश्मा पहनने वाला व्यक्ति भी एवं डायबिटीज के मरीज भी नेत्रदान कर सकता है,नेत्रदाता को मृत्यु पूर्व एड्स,पीलिया,ब्लडकैंसर,रेबीज,सेप्टीसिमिया, हिपेटाइटिस, सर्पदंश जैसे बिमारी है तो उसको अयोग्य समझे जाते है।
इस नेत्रदान पखवाड़े के दौरान अपने नेत्रदान की घोषणा करने वाले जनपद अध्यक्ष सुचित्रा साहू ने बताया कि हम अपने राजनीतिक जीवन मे कई तरह की घोषणाये करते है और एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इस नेत्रदान की घोषणा से समाज मे भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा और इस तरह के अभियान से।ज्यादा जे ज्यादा लोग जुड़ सकेंगे जिससे कई नेत्रहीन लोगो को नया जीवन मिल पायेगा।