बारिश के इन दिनों जुझारा नाले का यह नजारा…. अनायास ही अपनी ओर लोगो को आकर्षित कर रहा, वही पानी से लबालब इस नाले के इस बेहतर नजारे को देखने लोग अपने आप को नही रोक पा रहे है, आपको बता दे कि यह जुझारा नाला जुंगेरा-अर्जुन्दा मार्ग में स्तिथ ग्राम घुमका से लगा हुआ है। 👇👇👇👇👇
बालोद – बीते दो दिनों से मौसम में हुए बदलाव के बाद अंचल में झमाझम बारिश हुई है बारिस से किसानों के चेहरे की मुश्कान लौटी है तो वही बारिस के बाद कई जगहों पर छोटे छोटे एनीकट रपटों के ऊपर से गुजरने वाले जल प्रवाह से सुंदर नजारे भी देखने को मिल रहा है लेकिन ग्रामीण व सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बारिस कही कही लोगो की मुश्किलें भी बढ़ाई है ।बीते दो दिनों से हो रही बारिस जहां बोरी नाले फिर से उफान पर है जिससे पुल पर बने सड़क फिर से बह गई है
आपको बतादे पिछले माह हुए बारिस से बोरी नाले पुल पर बने सड़क बह गई थी लेकिन क्षेत्रीय विधायक के पहल के बाद विभाग ने मुरुम डालकर अस्थायी सड़क बनाई थी वही फिर एक बार बारिस से पुल पर डाले मुरुम फिर से बह गई जिससे बालोद व गुंडरदेही ब्लाक के तकरीबन दर्जनभर से अधिक गांवो के ग्रामीणों जिला मुख्यालय तक पहुंचने में ज्यादा दूरी का सफर तय करना पड़ेगा।
सड़क ठेकेदार की लापरवाही और लेटलतीफी का खामियाजा भुगत रहे 20 गांव के ग्रामीण*
बालोद जिले के डौंडी ब्लाक जहां के ज्यादातर इलाके वनांचल क्षेत्र होने के कारण लोगो अपनी छोटी छोटी जरूरतों के लिए डौंडी ब्लाक मुख्यालय तक आना पड़ता है। वही हाल ही में हुए बारिश के चलते ग्राम उकारी स्थित पुलिया के लिए वैकल्पिक मार्ग बहुत ही गुणवत्ताहीन ढंग से बनाया गया हैं जिसके चलते बारिश का पानी वैकल्पिक मार्ग के ऊपर से बहने से वैकल्पिक मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है जिसके चलते ब्लॉक मुख्यालय से जुड़ने वाले 20 गाँवो का संपर्क टूट चुका है,
*समय पर पूर्ण हो जाता कार्य तो नही होती ग्रामिणो को परेशानी*
डौंडी से घोटिया निर्माणधीन मार्ग जो कि समयावधि समाप्त होने के बाद भी पूर्ण नही हुआ है ,जिसका खामियाजा आम जन को भुगतना पड़ रहा है बावजूद इसके कार्य मे कोउ तेजी नजर नही आती है अगर समय पर मार्ग में पड़ने वाले पुल पुलिया का निर्माण हो जाता तो राहगीरों को इतनी परेशानी का सामना नही करना पड़ता।