Skip to main content

प्रदेश रूचि

अब ‘संजय’ बताएगा हादसे का खतरा! IIT मद्रास के साथ छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक समझौता डेटा आधारित मॉडल से होगी ब्लैक स्पॉट की पहचान, घटेंगी सड़क दुर्घटनाएंबालोद में अवैध हथियारों पर पुलिस का शिकंजा: दो युवक चाकू समेत गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाईप्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया टिप्पणी पर भाजयुमो का विरोध, सख्त कार्रवाई की मांगअब बड़े शहर जाने की जरूरत नहीं! बालोद में ही मिलेगी CGPSC, SSC, बैंकिंग-रेलवे की फ्री कोचिंग कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की नई पहलनीट पेपर लीक को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन तेज, भारी बारिश में प्रधानमंत्री का पुतला दहन; केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

*जिन बच्चों ने अपने नतीजों से छुआ आसमान, 10 जून को आसमान में करेंगे हेलीकाप्टर की सैर…तो आत्मानंद के टॉपर्स …..*

 

*स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 10वीं और 12वीं की प्रावीण्य सूची में आने वाले विद्यार्थियों को कराई जाएगी जाय राइड*

रायपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की वर्ष 2023 की दसवीं और बारहवीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में जगह बनाने वाले विद्यार्थी 10 जून को हेलीकॉप्टर से जाय राइड करेंगे। बच्चों द्वारा की गई साल भर की कड़ी मेहनत के लिए उन्हें आसमान की सैर कराई जाएगी, साथ ही मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा इन विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि आसमान छूने की ख्वाहिश रखने वाले बच्चों के जाय राइड का हवाई रास्ता उस समय खुल गया, जब मुख्यमंत्री प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के रघुनाथ नगर में भेंट मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे। यहां स्वामी आत्मानंद स्कूल की एक छात्रा स्मृति ने मुख्यमंत्री से हेलीकाप्टर में बैठने की इच्छा प्रकट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तुम बारहवीं में टाप करोगी तब तुम्हें हेलीकाप्टर में बिठाएंगे। स्मृति ने उसी दिन बैठने की इच्छा मुख्यमंत्री से जाहिर की और इस बच्ची की खुशी के लिए मुख्यमंत्री ने तुरंत ही उसे जाय राइड कराने निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने दसवीं और बारहवीं में प्रावीण्य सूची में आए विद्यार्थियों को हेलीकाप्टर में सैर कराने की घोषणा भी की।

पिछले साल 125 छात्र-छात्राओं को जाय राइड कराई गई थी। उस समय हेलीकाप्टर से राइड करने वाले बच्चों का उत्साह अद्भुत था। नारायणपुर के अबूझमाड़ में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्र देवानंद कुमेटी की बात करें। देवानंद ने पिछले साल जाय राइड की थी तब उसने बताया था कि मैं जहां रहता हूँ वहां इतना घना जंगल है कि यहां पर सूरज की किरणें भी नहीं पहुंचती। ऐसे में बहुत ऊंचाई से पेड़ों को देखना अद्भुत अनुभव था।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल जब भी भेंट मुलाकात पर जाते हैं वे स्कूली बच्चों से चर्चा करते हैं। इस दौरान उनसे बच्चों ने यह भी पूछा था कि आसमान से हमारा शहर कैसा दिखता है।

आसमान में उड़ने, आसमान से नीचे दूर तक फैली जमीन को निहारने की बालसुलभ इच्छा मुख्यमंत्री ने पूरी की और इसके लिए ही स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के माध्यम से प्रावीण्य सूची में आये बच्चों के जाय राइड की योजना बनाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!