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अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्यवाही को लेकर तेज हुई मांग.. जल्द स्थानीय प्रशासन कर सकती है बड़ी कार्यवाही

बालोद, शासन-प्रशासन के सारे नियमों को ताक पर रखकर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 20 पाररास मुक्तिधाम से लगा लगभग 05 एकड़47 डिसमिल कृषि जमीन को भिलाई के सफेदपोश भूमाफिया द्वारा धडल्ले से अवैध प्लांटिंग किया जा रहा है। राजस्व विभाग की कथित सांठगांठ से जारी अवैध प्लाटिंग की खरीद फरोख्त के मामले में प्रशासनिक उदासीनता से जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवालिया निशान खड़ा होने लगा है। पाररास के कृषि भूमि में अनुमति के बगैर जमीन की खरीद बिक्री को अंजाम दिया जा रहा है। भूमाफिया द्वारा खेत को प्लाटिंग कर बेचने की तैयारी की जा रही हैं। प्रशासनिक अनुमति के बगैर मुरुम की सड़क बनाकर प्लाट कटिंग करने और बेचने का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) को दरकिनार कर प्लाट बेचे जा रहे हैं। इसके चलते प्लाट खरीदने वाले लोग भविष्य में परेशानी में फंस सकते हैं।

पाररास मुक्तिधाम से लगा कृषि जमीन पर की जा रही अवैध प्लांटिंग

नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 20 पाररास मुक्तिधाम के पास कृषि जमीन को धड़ल्ले से अवैध प्लांटिंग का काम जोरो से चल रहा है।कृषि जमीन को भूमाफियाओं द्वारा समतलीकरण कर अलग अलग प्लांटिंग कर खम्बे भी गड़ा दिया है। भूमाफियाओं द्वारा अवैध प्लांटिंग की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है।भूमाफिया द्वारा खेत को प्लाटिंग करने के पहले कच्ची सड़क तैयार कर उसमें बकायदा मुरुम डाला गया ताकि ग्राहकों को अपने ओर आकर्षित करते हैं। इसके बाद भूमाफिया अपने तरीके से प्लाटिंग किया हैं। कृषि योग्य भूमि को प्लाट के रूप में विकसित कर खरीदी-बिक्री के लिए नियमानुसार डायवर्शन करना पड़ता है। एक से अधिक प्लाट काटने के बाद नियमानुसार कालोनाइजर एक्ट के तहत सभी फार्मेलिटी पूरी करने के बाद उसकी खरीदी -बिक्री होनी चाहिए, लेकिन बिना पंजीयन के ही न केवल आवासीय कालोनी डेवलप हो रही हैं बल्कि खेत-खलिहान की आवास के रूप में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग भी हो रही है।


सफेदपोश भी दलाली के धंधे में सक्रिय

जमीन दलाली के इस कारोबार में भिलाई के सत्ता पक्ष के सफेदपोश नेता व शहर के कई प्रापर्टी डीलर अवैध प्लाटिंग के इस कारोबार मे भी शामिल हैं , इस सफेदपोश की धमक से प्रशासन भी नगमस्तक है। पर इस गंभीर विषय पर अभी तक शासन-प्रशासन से कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। कहा जाए कि इस काम में सारे जिम्मेदार लिप्त नजर आते हैं।

 

बगैर पंजीयन के चल रहा अवैध कारोबार

जानकारी के मुताबिक पाररास मुक्तिधाम के पास अवैध प्लाटिंग का काम दलाल कर रहे हैं, उनका पंजीयन तक नहीं हैं। किसानों की खेती की जमीन का सौदा कर,कृषि भूमि का बगैर डायवर्सन प्लाट के रुप में टुकड़े कर रहे हैं, जिन्हें खुद का प्रोजेक्ट बताकर धड़ल्ले से बेरोक टोक बेचा जा रहा है। इसके लिए जमीन माफिया खुद ही मुरुम की सड़कें भी बनाव रहे हैं। लोगो को मेन रोड में प्लाट का झांसा दिया जा रहा। प्लाट में सड़क बताकर प्लाटिंग के अवैध कार्य को बेखौफ अंजाम दिया जा रहा।

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