Skip to main content

प्रदेश रूचि

बघमरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पुल की सुरक्षा भगवान भरोसे, महीनों से बांस-लकड़ी के सहारे आवागमनचौहान प्लाजा की दो दुकानों की बिक्री में 28 लाख की धोखाधड़ी, चौहान बिल्डर्स के मालिक के भाई पर फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोपडौंडीलोहारा जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे 2.20 करोड़ के कार्य, कुसुम शर्मा के प्रयासों को मिली सफलतादिसंबर में रेल यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी! बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र रूट की कई ट्रेनें रद्द, बिलासपुर-दुर्ग समेत हावड़ा, मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जाने वाले यात्री रहें सतर्कदिवाली से पहले मिठाई-पनीर फैक्ट्रियों में छापा, कहीं एक्सपायरी दूध तो कहीं गंदगी के बीच तैयार हो रही थीं मिठाइयां

ई-ऑक्शन के माध्यम से छत्तीसगढ़ में ग्रेफाईट ब्लॉक का सफल आबंटन..मेसर्स मां कुदारगढ़ी स्टील्स प्राईवेट लिमिटेड उच्चतम बोलीदार

रायपुर, छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग द्वारा जिला बलरामपुर स्थित केनापारा ग्रेफाईट ब्लॉक को ई-नीलामी के माध्यम से कंपोजिट लायसेंस के रूप में आवंटन हेतु मेसर्स मा कुदारगढ़ी स्टील्स प्रा. लि. द्वारा 111.00 प्रतिशत की अधिकतम बोली (फायनल प्राईस ऑफर) लगाई गई। उक्त ब्लॉक को जीएसआई द्वारा जी-4 लेवल पर अन्वेषण किया गया था। संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म, श्री जयप्रकाश मौर्य के निर्देशन में एमएसटीसी पोर्टल में 29 मार्च 2023 को प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक संचालित ई-नीलामी में कुल 670 बोली लगाई गई जिसमें मेसर्स मां कुदारगदी स्टील्स प्रा. लि. द्वारा 111.00 प्रतिशत अधिकतम बोली लगायी गई।

राज्य द्वारा प्रथम बार ग्रेफाइट ब्लॉक की सफलतापूर्वक ई-नीलामी की गई है। इसके पहले देश में केवल ओड़िशा एवं मध्यप्रदेश द्वारा ही अधिकतम 10.50% में ग्रेफाइट ब्लॉक का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया गया है।

ग्रेफाइट रिफेक्ट्री, बैटरी, ल्युब्रिकेंट, क्रुसीबुल निर्माण हेतु महत्वपूर्ण खनिज है। वर्तमान में इसके ओडिशा एवं झारखण्ड में ही प्रमुख खानें हैं।

ई-नीलामी पद्धति से खानों का आबंटन पारदर्शिता एवं राज्य शासन को राजस्व में भागीदारी के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था है। छत्तीसगढ़ खनिज विभाग द्वारा अब तक इस प्रकार से चूनापत्थर, बाक्साईट, लौह अयस्क, स्वर्णधातु एवं निकल, क्रोमियम एवं पीजीई तथा ग्रेफाइट के कुल 28 खनिज ब्लॉकों का सफलतापूर्वक आबंटन किया जा चुका है जिनसे आने वाले वर्षों में रायल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर के अतिरिक्त लगभग 81 हजार करोड़ की अतिरिक्त आय राज्य शासन को होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!