वही शनिवार को बालोद थाना परिसर में मिशन पूर्ण शक्ति, अभिव्यक्ति मोबाईल एप के तहत बालोद जिला के महिला कमाण्डो की बैठक रखी गई। जिसमें 300 महिला कमाण्डो की उपस्थिति में अभिव्यक्ति एवं समाज सुधार के दिशा में काम करने के लिये सामूहिक रूप से बैठक रखी गई।
पूरे मामले में बालोद पुलिस ने बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री के मंशानुसार पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग आनंद छावड़ा के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद प्रतीक चतुर्वेदी महिला सेल डी.एस.पी. गीता वाघवानी, थाना प्रभारी बालोद एवं प्रभारी महिला सेल व पद्मश्री शमशाद बेगम की उपस्थिति में थाना बालोद परिसर में मिशन पूर्ण शक्ति, अभिव्यक्ति मोबाईल एप के तहत बालोद जिला के महिला कमाण्डो की बैठक रखी गई जिसमें 300 महिला कमाण्डो की उपस्थिति में अभिव्यक्ति एव एवं समाज सुधार के दिशा में काम करने के लिये सामूहिक रूप से बैठक रखी गई , महिला कमाण्डो की कार्यों की सराहना की गई जो विपरीत परिस्थिति में गांवों में आसामाजिक तत्वों के शराब खोरी नशा पर प्रतिबंधित करने हेतु गश्त एवं जागरूकता करने का कार्य करती है।
तो वही पूरे मामले में पद्मश्री शमसाद बेगम ने चर्चा कर बताए कि कोरोनाकाल के दौरान महिला कमांडो से जुड़ी महिलाओं का गस्त का कार्य कम हो चुका था जिसके चलते जिले में अवैध शराब बिक्री और खुलेआम शराब पीने के मामलो में इजाफा भी हुआ है और इसी के चलते महिला कमांडो बालोद पुलिस से लगातार संपर्क कर फिर से ग्रामीण अंचलों में महिला कमांडो को सक्रिय करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है शमसाद बेगम ने बताया कि सिर्फ गुण्डरदेही ब्लाक में ही कोरोनाकाल के पहले करीब 25 सौ से ज्यादा महिला कमांडो सक्रिय थी जो संख्या आज घटकर 5 सौ तक सिमट चुकी है ऐसे ही जिले के अन्य जगहों की भी स्थिति है और इसी परिपेक्ष्य में 4 जनवरी को गुण्डरदेही में बैठक रखी गई थी जिसके बाद शनिवार को बालोद में बैठक की गई और इसी तरह अब हर माह जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में बैठक कर महिला कमांडो को सक्रिय किया जायेगा ताकि ग्रामीण अंचलों तेजी से फैल रहे अवैध शराब बिक्री व खुलेआम शराब।सेवन के अलावा अन्य कुरीतियों पर लगाम लगाई जा सके ।