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जिले में बढ़ते अवैध शराब पर लगाम लगाने अब महिला कमांडो फिर से उतरेगी मैदान में..पद्मश्री ने बताए महिला कमांडो का दर्द

बालोद-बालोद जिले की महिला कमांडो जो कि पूर्व के शासन काल में अपने क्रियाकलापों को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा में रही है इन्ही महिला कमांडो के सक्रियता के चलते पिछले सरकार में शराब कोचियो व गांव में खुलेआम शराब पीकर हुल्लड़ करने जैसे मामले में लगाम भी लगी थी शाम होते ही हाथों में डंडा मुंह में सीटी और लाल साड़ी (ड्रेसकोड ) में महिला जब अपने घरों से निकलती थी तो असामाजिक तत्व अचानक गायब हो जाते थे और इनकी सक्रियता से ही प्रदेश में अवैध शराब बिक्री जैसे मामले में भी काफी कमी आई थी लेकिन 2018 में सरकार बदलने के बाद पूरे प्रदेश सहित बालोद जिले में अवैध शराब के मामलो में लगातार इजाफा देखने को मिला है आए दिन गांव से लेकर शहर को गलियों में खुलेआम अवैध शराब बिकने के मामले अब आम होने लगी है तो वही विपक्षी दल भी इसे एक बड़ा मुद्दा मानते हुए लगातार प्रशासन के साथ सरकार को घेरते नजर आई है लेकिन यह वर्ष अब चुनावी वर्ष भी है ऐसे में ऐसे मामले सरकार के साथ साथ प्रशासन की भी चिंता बढ़ा सकती है लेकिन इस बीच जिले में फिर से एक बार जिले के महिला कमांडो सक्रिय होने लगी है और फिर एक बार पुलिस के साथ मिलकर समाज सुधार की दिशा में काम करने की तैयारी में जुट चुकी है

वही शनिवार को बालोद थाना परिसर में मिशन पूर्ण शक्ति, अभिव्यक्ति मोबाईल एप के तहत बालोद जिला के महिला कमाण्डो की बैठक रखी गई। जिसमें 300 महिला कमाण्डो की उपस्थिति में अभिव्यक्ति एवं समाज सुधार के दिशा में काम करने के लिये सामूहिक रूप से बैठक रखी गई।
पूरे मामले में बालोद पुलिस ने बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री के मंशानुसार पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग आनंद छावड़ा के निर्देशन पर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद प्रतीक चतुर्वेदी महिला सेल डी.एस.पी. गीता वाघवानी, थाना प्रभारी बालोद एवं प्रभारी महिला सेल व पद्मश्री शमशाद बेगम की उपस्थिति में थाना बालोद परिसर में मिशन पूर्ण शक्ति, अभिव्यक्ति मोबाईल एप के तहत बालोद जिला के महिला कमाण्डो की बैठक रखी गई जिसमें 300 महिला कमाण्डो की उपस्थिति में अभिव्यक्ति एव एवं समाज सुधार के दिशा में काम करने के लिये सामूहिक रूप से बैठक रखी गई , महिला कमाण्डो की कार्यों की सराहना की गई जो विपरीत परिस्थिति में गांवों में आसामाजिक तत्वों के शराब खोरी नशा पर प्रतिबंधित करने हेतु गश्त एवं जागरूकता करने का कार्य करती है।

तो वही पूरे मामले में पद्मश्री शमसाद बेगम ने चर्चा कर बताए कि कोरोनाकाल के दौरान महिला कमांडो से जुड़ी महिलाओं का गस्त का कार्य कम हो चुका था जिसके चलते जिले में अवैध शराब बिक्री और खुलेआम शराब पीने के मामलो में इजाफा भी हुआ है और इसी के चलते महिला कमांडो बालोद पुलिस से लगातार संपर्क कर फिर से ग्रामीण अंचलों में महिला कमांडो को सक्रिय करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है शमसाद बेगम ने बताया कि सिर्फ गुण्डरदेही ब्लाक में ही कोरोनाकाल के पहले करीब 25 सौ से ज्यादा महिला कमांडो सक्रिय थी जो संख्या आज घटकर 5 सौ तक सिमट चुकी है ऐसे ही जिले के अन्य जगहों की भी स्थिति है और इसी परिपेक्ष्य में 4 जनवरी को गुण्डरदेही में बैठक रखी गई थी जिसके बाद शनिवार को बालोद में बैठक की गई और इसी तरह अब हर माह जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में बैठक कर महिला कमांडो को सक्रिय किया जायेगा ताकि ग्रामीण अंचलों तेजी से फैल रहे अवैध शराब बिक्री व खुलेआम शराब।सेवन के अलावा अन्य कुरीतियों पर लगाम लगाई जा सके ।

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