बालोद बालोद जिले में इन दिनों जहां सड़को के विस्तारीकरण काम जोरो पर है वही पिछले कुछ दिनों में सड़को पर दुर्घटनाओं के मामले भी लगातार सामने आए है इस बीच बीती रात बालोद नगर के एक व्यवसायी की।पत्नी और बच्चे सहित 4 लोगो की सड़क हादसे में मौत की घटना के बाद नगर में यातयात व्यवस्था को लेकर लोगो की नाराजगी दिखने लगी है वही अब इस मामले को लेकर सत्तापक्ष के ही युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बालोद पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपने की तैयारी में जुट चुकी है वही अब मामले को लेकर स्थानीय सोशल मीडिया में भी दिन भर जिले के यातयात व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा
आपको बतादे बालोद जिले से रोजाना करीब 4 से 5 हजार मालवाहक गाडियां गुजरती है और ज्यादतार गाड़ियों कांकेर जिले के अलग अलग अयस्क खदानों से कच्चे लोहे भरकर रायपुर की ओर जाती है इस दौरान इन गाड़ियों के चालक भी नशे के हालात में पाए जाने के पहले भी कई मामले सामने आ चुके है । जिसके चलते सड़को पर दुर्घटना भी बढ़ी है यही नहीं ऐसे गाड़ियों पर कार्यवाही को लेकर पहले भी स्थानीय संगठनों द्वारा कई बार आवेदन दिए जा चुके है लेकिन आयरन ओर परिवहन में लगी इन गाड़ियों की निरंतर जांच नही होने से जिले में फिर से सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सड़को पर फर्राटे भरते निकलती है ओवरलोड गाडियां
किसी भी सड़क पर गाड़ियों को चलाने के लिए एक निश्चित गति तय होती है और इन गाड़ियों को गति को जांच करने यातयात विभाग द्वारा चेक पोस्ट भी लगाया जाता है लेकिन बालोद जिले से गुजरने वाली ज्यादातर आयरन ओर की गाडियां शहरी क्षेत्र में भी 100किमी प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से गुजरती है यही नहीं इन गाड़ियों में भरे जाने वाले कच्चा लोहा भी निर्धारित वजन से कई गुना ज्यादा होता है लेकिन बालोद पुलिस विभाग द्वारा पिछले एक साल का रिकार्ड खंगाला जाए तो आज तक एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया जिसमे ऐसे मालवाहको पर कार्यवाही की गई जबकि इन सड़को पर होने वाले अधिकांशतः हादसे इन्ही आयरनओर परिवहन करने वाले गाड़ियों के चलते ही होते है। और अब लगातार बढ़ते दुर्घटनाओं के बाद स्थानीय लोगो में लगातार आक्रोश भी पनपने लगा है जिसके बाद गुरुवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता ऐसे वाहनों पर कार्यवाही की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।