बालोद/ देवरीबंगला – डौंडीलोहारा विकासखंड की 580 मितानिन में से 450 मितानिन को डिजिटल बीपी मशीन दी गई। इसके पूर्व मितानिनो को संकुल स्तर पर बीपी मशीन से जांच करने का प्रशिक्षण दिया गया। मितानिन कार्यक्रम के ब्लॉक समन्वयक शोभा शर्मा ने बताया कि मितानिन अपने बसाहट के लोगों की डिजिटल बीपी मशीन से जांच कर संभावित बीपी मरीज खोजेंगी। संभावित मरीजों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर करेगी। मितानिन प्रशिक्षक केशव शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बीपी व शुगर के मरीज है। उन्हें जानकारी के अभाव में समय पर इलाज नहीं मिलता जिससे गंभीर बीमारियां हो जाती है। प्रशिक्षक परवीन बेगम मधुसूदन करशेल तथा ऐश्वर्यामती तिवारी ने बताया कि मितानिन के पास डिजिटल बीपी मशीन मिलने के बाद गांव में बीपी मरीज की पहचान आसानी से हो जाएगी। मितानिन इसके पूर्व संभावित टीवी व कुष्ट के मरीज खोज कर उनकी दवाई चालू करवाई है। बड़े हुए बीपी के कारण गंभीर बीमारियां लकवा, हार्ड अटैक, किडनी, लीवर की खराबी होती है। डिजिटल बीपी मशीन से जांच करने का प्रशिक्षण मितानिन प्रशिक्षक रोहित चुरेंद्र, सुशीला साहू, दीपमाला श्रीवास्तव, सरोज मेश्राम, अंकालूराम कोसमा, मदनलाल कृपाल, प्रीतम साहू, संतोष निर्मलकर, धर्मिन देशमुख, ओमलता साहू, नीरा बढेद्र, स्वस्थ पंचायत समन्वयक अनीता रामटेके, नैन साहू, ललिता यादव ने दिया।
इन गांवों में मितानिन करेगी बीपी जांच :- डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम सुरेगांव, भंडेरा, पसौद, देवरी, खेरथा,फरदफोङ,खैरा, मंगचुआ, रेगाडबरी, कमकापार, खोलझर, दुधली, अछोली, नाहदा, जेवरतला, पिनकापार, राघोनवागाव, झीटिया,बोदेली, संबलपुर, पापरा, बीजाभांटा सहीत 200 से अधिक गांव में मितानिन डिजिटल मशीन से जांच करेगी। जांच में बीपी 140- 90 आने पर शासकीय अस्पताल रेफर करेगी। मितानिन पुराने बीपी मरीजों को फालोअप भी करेगी।