बालोद :- छत्तीसगढ़ सर्व संविदा एवं अनियमित कर्मचारी महासंघ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय हड़ताल के चौथे दिन जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर व भाजपा जिला मंत्री नरेश साहू ने अपना समर्थन दिया। हड़ताल का समर्थन करते हुए जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि 10 दिनों में नियमितीकरण का वादा करने वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार वादाखिलाफी पर उतर आई है। आज 4 साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी नियमितीकरण पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। चुनाव के पूर्व अनियमित और संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण के सपने दिखाने वाली सरकार अपने मंत्रियों और विधायकों के वेतन भत्तों की बढ़ोतरी करने में मशगूल है। हर आंदोलन के बाद एक कमेटी सरकार द्वारा बनाई जाती है लेकिन उस कमेटी का कोई ठोस परिणाम नहीं निकलता जिसके कारण सभी अनियमित व संविदा कर्मचारियों को बार बार हड़ताल करने विवश होना पड़ रहा है। भाजपा जिला मंत्री नरेश साहू ने कहा कि सरकार अपना वादा पुरा नहीं कर पा रही है और न ही नियमितीकरण के लिए कोई ठोस उपाय कर रही है। पंजाब और ओडिसा के सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ की सरकार को भी अपने किए गए वादे के मुताबिक तत्काल प्रभाव से नियमितीकरण की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए। बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की बात हो,शराबबंदी की बात हो या संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की बात हो प्रदेश की सरकार ने गंगाजल की कसमों का भी मान नहीं रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में अनेक शासकीय विभागों के अनियमित व संविदा कर्मचारियों की उपस्थिति रही जो अपनी मांगों के लिए पांच दिवसीय हड़ताल पर हैं।