बालोद (संतोष साहू) जिले के डौंडी ब्लाक अंतर्गत दल्लीराजहरा के आसपास के ग्रामीण इलाकों में लाल पानी की समस्या काफी पुरानी है समस्या के समाधान को लेकर न बीएसपी न ही शासन प्रशासन ने आजतक कोई कारगर कदम उठाया ….जिसके चलते उस क्षेत्र के कृषि भूमि भी आज बंजर होने की कगार पर पहुंच चुकी है…लोगो के हाथों से उनके जीविकोपार्जन का एक मात्र साधन भी खो रहा है ..अब जीविकोपार्जन कैसे करे इन समस्याओं को लेकर फिर एक बार क्षेत्र के ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे है।
देखे ये वीडियो
21 दिनों से जारी है आंदोलन
BSP द्वारा संचालित महामाया माइंस से निकलने वाले लाल पानी से प्रभावित किसान जो कि जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में दिनाँक 15/12/2022 से क्रमिक भूख हड़ताल के रूप शान्ति पूर्ण तरीके से अपना विरोध करते आ रहे है, लेकिन स्थानीय BSP प्रबन्धन द्वारा 21वे दिन तक कोई भी सकारात्मक पहल नही हुई और न ही अभी तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी पूछने भी नही आया ।
जब कि जिला कलेक्टर बालोद के आदेशानुसार सभी 42 किसानों जो महामाया माइंस से निकलने वाले लाल पानी से प्रभावित है, उनको BSP के अंतर्गत जून 2020 तक स्थाई काम देने का मौखिक व लिखित आदेश दिया गया है, उसके बावजूद स्थानिय BSP प्रबंधन द्वारा जिला कलेक्टर के आदेश का उलंघन कर अभी तक किसी भी लाल पानी प्रभावित किसान को स्थाई काम नही दिया गया है।
पूरे मामले में जनमुक्ति मोर्चा से जुड़े ग्रामीणो कि माने बीएसपी द्वारा जिला कलेक्टर के आदेश का पालन नही किये जाने के कारण आज जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ को आंदोलन करना पड़ रहा है।
लाल पानी से प्रभावित किसानों की आंदोलन को दिनाँक 05/01/2023 को 22वे दिन BSP प्रबंधन द्वारा कोई भी सकारात्मक पहल नही होने के करण शान्ति पूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन अपना उग्र रूप लेते हुए आज दल्ली राजहरा के माइंस ऑफिस के पास हजारो की संख्या ने जन मुक्ति मोर्चा के साथी धरने पर बैठ गए और महामाया (नलकसा) पर क्रमिक भूख हड़ताल के रूप में विरोध दर्ज कर रहे और आज साम तक कोई भी निर्णय नही होने के कारण सभी आंदोलनकारी धरना स्थल दल्ली राजहरा के माइंस ऑफिस गेट के सामने पंडाल लगा कर यही खाना -पीना, सोना बैठना करते हुए शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षक करने की कोशिश कर रहे है ।