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प्रदेश रूचि

*आखिर अवैध रेत खनन पर जिला खनिज विभाग मेहरबान क्यो….एनजीटी के नियमो की भी उड़ रही धज्जियां*

बालोद- बालोद जिले में मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फिर रहा है..बालोद जिले के बहुचर्चित रेत खदान हर्राठेमा में नियम कायदों को ताक पर रख दिन रात रेत खनन का कार्य किया जा रहा है । इस खनन के लिए संबंधित ठेकेदारों द्वारा नदी के भीतर चैन माउंटेन मशीन लगाकर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है. यही नही मिली जानकारी के अनुसार शासन द्वारा रेत निकासी के लिए प्रस्तावित खसरा नम्बर के बजाय अन्य खसरा नम्बर वाली जमीन से अवैध रूप से रेत का खनन किया जा रहा है.. इतना ही नही इस रेत खनन के लिए ठेकेदार के लोगो द्वारा निर्धारित रॉयल्टी दर से करीब 10 ज्यादा दर से वसूली की जा रही है.वही इस गंभीर मामले में जिले के खनिज विभाग मूकदर्शक बना हुआ है जिसकी वजह से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है..

सत्तापक्ष से जुड़ा है खदान ठेकेदार

इस खनन से जुड़े मामले में बताया जा रहा है रेत खदान का संचालन किसी दीगर जिले के एक कद्दावर व सत्तापक्ष के नेता द्वारा किया जा रहा है.नेता का प्रभाव इतना कि अधिकारियों के पास खदान को लेकर स्थानीय जनप्रीतिनिधि से लेकर पत्रकारों तक कि शिकायत के बाद भी अधिकारी इस ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने से बचते नजर आ रहे है जबकि इस मामले में खनिज अधिकारी द्वारा बताया भी जा रहा है कि हर्राठेमा में रेत निकासी की परमिशन है लेकिन चैन माउंटेन मशीन से खनन का परमिशन नही दिया गया है. और मामले पर शिकायत मिलने पर कड़ी कार्यवाही किये जाने की भी बात कही जा रही है।लेकिन कार्यवाही कब होगी इस विषय में अधिकारी चुप्पी साधे बैठे है।

एनजीटी के गाइडलाइंस का उलंघन

बालोद जिले के हर्राठेमा रेत खदान में रेत निकासी का निविदा विभाग द्वारा पूर्व में ही अन्य जिले के एक ठेकेदार को दिया गया है जिसमे विभाग द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व पर्यावरण विभाग के नियमो का पालन करते हुए नदी से रेत की निकासी कर उसे नदी के बाहर मशीन के माध्यम से परिवहन करने की अनुमति दी गई है लेकिन ठेकेदार द्वारा सारे नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए खुले आम नदी के भीतर पानी भराव होने के बावजूद चैन माउंटेन लगाकर रेत का खनन किया जा रहा है सारे नियमो की धज्जियां उड़ाने के बाद भी अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे बैठे है ।

निर्धारित दर से कई गुना ज्यादा की रायल्टी

जिले में रेत निकासी होने से स्थानीय लोगो को लगा कि अब उनके मकान बनाने के लिए कम दामो पर रेत उपलब्ध हो जाएगी लेकिन ठेकेदार द्वारा इस खनन के बाद शासन द्वारा निर्धारित दर 56 रुपये प्रति घन मीटर के दर रायल्टी वसूली की जानी चाहिए लेकिन रेत ठेकेदार द्वारा एक हाइवा भरने के एवज में 4 हजार लेकर 5 हजार तक लोडिंग चार्ज लिया जाता है जबकि एक हाइवा में अधिकतम 10 घनमीटर रेत का भराव किया जाता है उस लिहाज से ठेकेदार को 560 रुपये तक ही वसूली का अधिकार है ऐसे तमाम लापरवाही व मनमानी की शिकायत जिले के खनिज अधिकारी तक पहुंच चुकी है लेकिन इन शिकायतों को लगातार खनिज अधिकारी द्वारा नजरअंदाज किया जाना कही न कही ठेकेदारों के साथ विभाग के संलिप्तता को भी दर्शाता है बहरहाल देखना होगा पूरे मामले में आखिर खनिज विभाग कब तक संज्ञान लेते हुए कार्यवाही करती है।

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