बालोद- बालोद जिले में फसल कटाई के बाद से ही खेतो में लगे हरे पेड़ो की कटाई शुरू हो जाती है इस काम मे न केवल शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में लकड़ी तस्कर पूरी तरह संक्रिय है जिले के ज्यादातर आरामिलो में बबूल, सीसम, आम,सहित प्रतिबंधित अर्जुन के पेड़ों की लकड़ियां तस्करों के द्वारा पहुंचाया जाता है । कुछ ऐसा ही मामला बीती रात को उस वक्त सामने आया जब बालोद जिला मुख्यालय से महज 3 किमी दूर झलमला में एक ट्रैक्टर में कहवा की लकड़ी भरी हुई थी लेकिन ट्रैक्टर चालक लकड़ी से भरे ट्रैक्टर को गांव में ही खड़ा कर गायब हो गया था जिसकी सूचना ग्रामीणो द्वारा वन विभाग को दिया गया

जिस पर बालोद डीएफओ के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और झलमला राजस्व निरीक्षक के निगरानी में ट्रैक्टर को बालोद वन विभाग कार्यालय लाया गया जहां पर विभाग द्वारा प्रतिबंधित लकडी अवैध परिवहन किये जाने के मामले में कार्यवाही की जा रही है पूरे मामले में ग्रामीणो द्वारा बताया गया कि लकड़ी तस्करों द्वारा इसी तरह देर शाम लकड़ियों से भरे ट्रेक्टर में लकड़ी भरकर लाते है

और रातभर ट्रेक्टर गांव में।खड़ा रहता है और सुबह करीब 4-5 बजे के बीच लकड़ी को आरामिलो में पहुंचाया जाता है मामले में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार जब्त लकड़ी को करहिभदर के किसी व्यक्ति द्वारा परिवहन कराए जाने की बात सामने आई है बहरहाल पूरे मामले में वन विभाग मामले की जांच कर अग्रिम कार्यवाही में जुट चुकी है ।
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