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*रबी फसल में धान फसल के लिए पानी की मांग को लेकर भाजपा किसान मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन, बोले धान की फसल के लिए पानी नही दिया तो करगे कलेक्ट्रेट धेराव*

बालोद-जिला किसान मोर्चा एवं आसपास के किसानों द्वारा आगामी रबी फसल धान हेतु जलाशय से पानी छोड़ने की मांग को लेकर बुधवार को राज्यपाल के नाम एडीएम योगेश श्रीवास को ज्ञापन सौपा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रवि फसल दलहन तिलहन हेतु बांध से पानी देने व रवि फसल धान हेतु पानी नहीं देने का निर्णय लिया गया है जो कि अनुचित हैं।

जलाशय से धान की फसल के लिए पानी नही दिया तो करगे कलेक्ट्रेट धेराव-किसान मोर्चा

ज्ञापन में कहा गया है कि दलहन तिलहन के बजाय सरकार धान की फसल हेतु पानी की सुनिश्चित व्यवस्था करवाएं दलहन तिलहन फसल लेने के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है साथ ही दलहन तिलहन फसल लगाने से बंदरों का प्रकोप बहुत ज्यादा हो जाती है इसलिए किसान अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं जिससे उन्हें रवि फसल सीजन में आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है दलहन तिलहन फसलों के लिए जलाशयों से पानी छोड़ा जाएगा तो किसानों किसानों द्वारा लगाए गए दलहन तिलहन की फसल सड गल कर नष्ट हो जाएगा क्योंकि किसानों की खेतों तक पानी पहुंचने के लिए शासन द्वारा पक्की नाली का निर्माण नहीं हुआ है साथ ही दलहन दलहन तिलहन खरीदी की उचित व्यवस्था शासन नहीं होने के कारण उत्पादित फसलों को बिचौलियों के पास कौड़ियों के भाव में बेचने को किसान मजबूर हो जाते हैं अतः समस्त किसान मांग करते हैं कि दलहन तिलहन हेतु पानी के बजाय धान की फसल हेतु पानी की मांग करते हैं यदि मांग पूर्ण नहीं होने पर किसान मोर्चा एवं किसानों द्वारा आगामी दिनों में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा

पिछले साल भी गर्मी में धान की फसल की सिंचाई के लिए नहीं छोड़े थे पानी

सिंचाई विभाग के अनुसार पिछले साल भी रबी सीजन में धान के लिए जलाशयों से पानी नहीं छोड़ा गया था। जल आवर्धन योजना के तहत बालोद शहर के अधिकतर घरों में नई पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई हो रही है। तांदुला जलाशय का पानी फिल्टर होकर पहुंच रहा है। सिंचाई विभाग के अनुसार बालोद शहर में डिमांड अनुसार पानी की सप्लाई होती रहेगी, पीने का पानी जनहित से जुड़ा है। ऐसे में नगर पालिका से जितनी डिमांड की जाएगी, उसके अनुसार पानी छोड़ा जाएगा। इस सीजन गोंदली को छोड़ तांदुला, खरखरा व मटियामोती जलाशय में ओवरफ्लो की स्थिति बनी।

तांदुला जलाशय में 89% और गोंदली में 95% पानी

तांदुला जलाशय में वर्तमान में 89 प्रतिशत पानी है। जो निर्धारित जलभराव क्षमता से 11 प्रतिशत कम है। यह स्थिति खरीफ सीजन सिंचाई के बाद है। ऐसे में अब भी पर्याप्त पानी है। यहां से 30 प्रतिशत पानी हर साल निस्तारी तालाबों के लिए छोड़ा जाता है। गोंदली जलाशय में वर्तमान में लगभग 95 प्रतिशत पानी है। जो निर्धारित जलभराव क्षमता से 5 प्रतिशत ही कम है। ऐसे में जलभराव स्थिति बेहतर है। यहां से गर्मी में निस्तारी तालाबों व खरीफ सीजन में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा।ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा भाजपा डोमन साहू जिला महामंत्री किसान मोर्चा मनोहर सिन्हा हेमंत साहू गुंडरदेही मंडल अध्यक्ष टीकाराम निषाद प्रताप साहू श्यामल साहू दिनेश साहू महेश्वर यादव लोकेश्वर साहू जी साहू अमर सिंह साहू रविंद्र कुमार सिमरिया कचित् साहू शिवकुमार साहू राजकुमार कोलियार सेवाराम चुरेंद्र कन्हैया लाल यादव पार्थ साहू धर्मेश साहू मन्नूलाल झोरी ओम प्रकाश रात्रे भोला राम साहू संत राम नेताम आदि की उपस्थिति रही

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