बालोद- ( संतोष साहू) बालोद जिले में भाजपा की राजनीति में पिछले कुछ महीनों से लगातार अंतर्कलह की स्थिति बनी हुई है हालांकि ऐसे मामलों पर संगठन के कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी अपना रुख आज तक स्पष्ट नही किया बल्कि जब भी भाजपा में गुटबाजी या अंतर्कलह की बात सामने आती है तो इसे सिरे से नकार दिया जाता है वही संगठन में “मैं” वाली राजनीति इस कदर हावी है कि अब भाजपा के वरिष्ठ नेता भी खुद को स्थानीय राजनीति से दूर करने लगे है जिसका खामियाजा भाजपा को आगामी चुनाव में भी उठाना पड़ सकता है
कुछ एक ऐसा ही पोस्ट सोशल मीडिया में मंगलवार को सामने आया जब बालोद जिले के भाजपा के वरिष्ठ व कद्दावर नेता यशवंत जैन जिनकी राजनीतिक तूती बालोद से लेकर दिल्ली तक बोलती है अविभाजित दुर्ग जिले के समय मे बाल सरंक्षण आयोग के अध्यक्ष तथा दो बार राष्ट्रीय बाल आयोग के सदस्य के अलावा भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष, तथा भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जैसे पदों पर रहते हुए बालोद की राजनीति में भी संक्रिय रहने वाले यशवंत जैन ने सोशल मीडिया ग्रुपो में एक पोस्ट डाली जिस पोस्ट में लिखा था कि “मैं बालोद जिले के भाजपा की राजनीति से खुद को अलग करता हूँ” इस पोस्ट के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा कि यशवंत जैन जैसे कद्दावर नेता के द्वारा ऐसे पोस्ट को डालने के पीछे वजह क्या हो सकती है पोस्ट वायरल होने के बाद प्रदेशरूचि कि टीम ने अलग अलग वरिष्ठ भाजपा नेताओं से भी चर्चा किये लेकिन पूरे चर्चा में जो एक बात सामने आई वह विषय भी चौकाने वाला था । जिले के कई वरिष्ठ भाजपा नेता जो पार्टी को खड़े करने में अपनी पूरी उम्र गुजार दी आज ऐसे नेताओं की पार्टी में पूछ परख नही हो रही है बल्कि कुछ भाजपा नेताओं ने तो अपने नाम न छापने की शर्त पर यहाँ तक कहा कि वे तकरीबन 32 वर्षो से भाजपा से जुड़े है लेकिन जब भी पार्टी की बैठक या कोई बड़ा कार्यक्रम होता है तो उसकी भी जानकारी उनको नही दी जाती है।
वही कुछ नेताओं ने यशवंत जैन के पोस्ट को लेकर कहा कि यशवंत जैन एक बड़े लीडर है उनके पास पहले भी कई दायित्व रहने के बावजूद बालोद जिले में भाजपा को मजबूत करने की दिशा में लगातार संक्रिय रहे है लेकिन वर्तमान परिस्थिति में बालोद जिले में भाजपा में कुछ नेताओं द्वारा “मैं” वाली राजनीति की जा रही है और कार्यक्रमों में उन्हें भी नजरअंदाज किये जाने के चलते ये उनके मन की पीड़ा हो सकती है कहते नजर आए।
लेकिन यशवंत जैन के पोस्ट के कुछ देर बाद भाजपा शहर मंडल के पूर्व अध्यक्ष व यशवंत जैन के काफी करीबी माने जाने वाले नेता राजा दीवान ने भी एक पोस्ट किया जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत जैन के नाम से पोस्ट था उक्त पोस्ट में लिखा था कि
“पार्टी के अन्य काम की व्यस्तता के कारण अभी मैं बालोद जिला मंडल भाजपा के काम के लिए कम समय दे पा रहा हूं, इसलिए इसलिए कुछ दिनों को लिए स्थानीय कार्यक्रम से खुद को दूर किया हूं, भाजपा से अलग नही हो सकता हूं, जब तक जीवन है भाजपा में हूं और रहूंगा, इस विषय को इसी रूप में ले बालोद में भी पार्टी जी कार्य सौपेगी तन,मन से उसे पूरा करूंगा अभी भी 11 सितम्बर बिलासपुर महतारी हुंकार रैली की तैयारी में लगा हूं.यशवंत जैन”
इस विषय पर प्रदेशरूचि संपादक ने भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत जैन से बात की तो यशवंत जैन ने चर्चा के दौरान बताया कि वर्त्तमान में पार्टी के द्वारा उनपर कई तरह के दायित्व सौंपे है और इसी के चलते वे ज्यादातर बाहर ही रहते है जिसके चलते वे वर्तमान में बालोद जिले में पार्टी के आयोजन व कार्यक्रम में अपना समय नही दे पा रहे है जिसके चलते उन्होंने इस पोस्ट के माध्यम से जानकारी साझा किये थे वही राजनीतिक गलियारों में चल रहे चर्चा पर भी उन्होंने कहा कि इस पोस्ट कोई गलत अर्थ न निकाले बाद में उन्होंने विस्तार पूर्वक दूसरा पोस्ट भी जारी किया है
आपको बतादे यशवंत जैन वह नाम है जो बालोद ही नही बल्कि प्रदेश की राजनीति में किसी पहचान की मोहताज नही लेकिन बालोद जिले की भाजपा की राजनीति में पिछले कुछ सालों इतनी गुटबाजी हावी हो चुकी है कि कई पुराने दिग्गज भाजपा नेता आज खुद को संक्रिय राजनीति से अलग कर चुके है भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ में भाजपा की जमीन को मजबूत करने कई तरह के प्रयोग कर रहे है लेकिन बात बालोद जिले किया जाय तो बालोद जिले को लेकर भाजपा के प्रदेश नेतृत्व द्वारा भी अब तक किसी तरह का कोई मास्टर प्लान नही किया गया जबकि 2023 के मुख्य चुनाव को लेकर कांग्रेस ने फिर से अपनी जमीन मजबूत करना प्रारंभ कर दी है उसके अपेक्षा भाजपा आज भी जमीन तलास रही है बहरहाल देखना होगा मिशन 2023 को लेकर भाजपा पार्टी को मजबूत करने किस तरह का ब्लूप्रिंट तैयार करती है और जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं को किस तरह से एक्टिव किया जाता है ताकि आने वाले चुनावी रणभूमि पर भाजपा अपनी दमखम दिखा सके।