बालोद- बालोद नगर पालिका अध्यक्ष सहित उनके सहयोगी पार्षदो के खिलाफ पिछले 6 साल से चल रहे मामले में बालोद जिला सत्र न्यायालय सभी को दोषमुक्त कर दिया है कांग्रेसी नेताओं की ओर से बालोद जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता भेष साहू ने मामले की पैरवी की थी वही न्यायालय से बाहर आते ही कार्यकर्ताओं ने नपाध्यक्ष पार्षदो व मामले के अधिवक्ता भेष साहू को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।
क्या है मामला
पूर्व शासन के दौरान बालोद जिला मुख्यालय में घटित एक घटना जिसमे तत्कालीन भाजपा पार्षदो द्वारा सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित शिलालेख पट्टिका तोडऩे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसमे भाजपा पार्षदो ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि 13 मई 2016 को मुख्यमंत्री द्वारा जिला प्रशासन के संजारी क्लब व बैडमिंटन कोर्ट का लोकार्पण किया गया था. नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने संजारी क्लब के शिलालेख पट्टिका शिलालेख को उखाड़कर ले गया है जिस पर पुलिस उन्हें धारा 427 और 448 के तहत गिरफ्तार किया है.
क्या कहते है नपाध्यक्ष
वही आज बालोद जिला सत्र न्यायालय द्वारा नपाध्यक्ष व अन्य पार्षद तथा कांग्रेसी नेताओं को दोष मुक्त किये जाने के बाद बालोद नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा एक बार फिर सत्य की जीत हुई है मामले पर विकास चोपड़ा नेकहा कि संजारी बालोद शिलान्यास केस में आज हम चारों को बालोद न्यायालय द्वारा दोषमुक्त कर दिया गया,,, भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में जिस तरह जिस कार्य का लोकार्पण भी नहीं हुआ था उसके शिलान्यास पत्थर को उखाड़ने के झूठे मामले में मुझे नगर पालिका अध्यक्ष रहते हुए,, व दो पार्षद कमल निषाद,, जोगभारती योगराज भारती , तात्कालिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनोद बंटी शर्मा को चार दिन जेल में रहना पड़ा था,,,, आज उस मामले में अधिवक्ता भेष साहू की की जिरह के बाद हमे दोषमुक्त कर दीया गया,,,, सत्य की हमेशा जीत होती है आज भी हुई,,, यह इस जीत इस बात की ओर इसारा भी है की बीजेपी सरकार में किस हद तक तानाशाही हावी थी।