बालोद / लगातार पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से कई दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। एक ऐसा समय भी आएगा जब हमें शुद्ध हवा एवं पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। उक्त उद्गार बालोद ब्लाक के ग्राम पंचायत सांकरा में आयोजित तीन दिवसीय गैर आवासीय पंच सरपंच प्रशिक्षण में ब्लॉक समन्वयक माहेश्वरी साहू ने प्रशिक्षण के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि मिट्टी, वायु एवं जल लगातार प्रदूषित हो रहे हैं। इससे हमारे पर्यावरण एवं जलवायु पर दुष्प्रभाव पङ रहे हैं। पूरा विश्व इस गंभीर समस्या से चिंतित है। अंधाधुन प्लास्टिक का उपयोग भी एक गंभीर समस्या है। हमें भी प्रदूषण को रोकने के लिए कारगर उपाय करने चाहिए। ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पंचायतों को गंभीर प्रयास करने होंगे। मितानिन प्रशिक्षक खिलेश्वरी साहू ने पेयजल एवं स्वच्छता, स्वास्थ्य पर हमारी समझ, प्रदूषित पर्यावरण तथा कुछ बीमारियों पर हमारी समझ के संबंध में प्रतिभागियों से चर्चा की। उपस्थित प्रतिभागियों को तीन ग्रुप में बांट कर पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के संबंध में पंचायतों का ज्ञान जाना। प्रशिक्षण के पश्चात पंचायत में जाकर पंच व सरपंच पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर क्या कार्य करेंगे इसके लिए 1 वर्ष की कार्ययोजना बनाई गई। प्रशिक्षण में बरही, सांकरा, तथा मटिया बी के 30 पंच व सरपंच उपस्थित थे। जलवायु परिवर्तन पर इसी प्रकार का प्रशिक्षण ब्लॉक समन्वयक मीना देवदास, स्वस्थ पंचायत समन्वयक माधुरी साहू, मितानिन प्रशिक्षक सुशीला साहू, झमित कंवर ने ग्राम पंचायत खपरी एवं लाटाबोङ मे दिया। प्रशिक्षण में सरपंच कांति मानिकपुरी, रोशन उईके, दिनेश सिन्हा सहित 30 पंच उपस्थित थे।
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- *अंधाधुन पेड़ो की कटाई, प्लास्टिक की उपयोगिता से लगातार बदलते क्लाइमेट के बाद पर्यावरण सरंक्षण को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को किया गया प्रशिक्षित*