छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को समूह के माध्यम से रोजगार, व्यवसाय से जोड़ने की मुहिम के चलते आज ग्रामीण अंचल की महिलाएं रोजगार कर न सिर्फ अपने आपको आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि वे अपने घर का सहारा भी बनी हैं। ऐसे ही दंतेवाड़ा जिले में घरेलू काम मे व्यस्त रहने वाली महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ कर कई छोटे-छोटे उद्योग का सफल संचालन और स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं। बड़े कारली पंचायत में स्थित गौठान, ग्रामीणों के रोजगार-व्यवसाय का केन्द्र बन गया है।
गौठान में ही गोबर संग्राहकों से गोबर खरीद, वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट बनाने के साथ स्व-सहायता समूहों द्वारा सामुदायिक बाड़ी जैसी अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे उन्हें लाखों रूपए की आमदनी होने लगी है। ढाबा का संचालन कर रही बॉस बोडीन स्व-सहायता समूह की 10 महिलाओं की एकजुटता और सफलता को देखते हुए गांव की अन्य महिलाएं भी खुद के पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा की ओर अग्रसर हैं।