पडकीभाट बाईपास स्थित बधमरा के डूबान क्षेत्र में पानी की निकासी नही होने से धान की फसल पानी मे डूब गया हैं। रोपाई के बाद धान फसल पानी में डूबी हुई है, इससे पौधे अब गलने लगा है। वहीं डूब प्रभावित क्षेत्र में बोता धान फसल वाले कई खेतों में पानी लबालब भरा है, इससे फसल खराब हो गया है। पीड़ित किसानों को अब नुकसान सर्वे होने का इंतजार कर रहे है। गांवों में निचले क्षेत्र में खेती-किसानी करने वाले किसानों के खेतों में भारी बारिश से पिछले चार दिनों से खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है। निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, ऐसे में उनके धान फसल अब गलने लगा है। क्योंकि रोपाई हुए सिर्फ पखवाड़ेभर हुआ है।पौधा पूरी तरह से संभल नहीं पाया है, जो गलने लगा है। ऐसे प्रभावित किसानों को अब अपने खतों में दोबारा धान के पौधों को रोपाना पड़ेगा, जहां के पौधे पूरी तरह से गल चुके हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
*बारिस के चलते खेतो जलभराव से किसानों की बढ़ी मुश्किलें….अब किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती आई सामने*
बालोद-बालोद ब्लाक में लगातार हुई बारिश से पडकीभाट बाईपास स्थित बधमरा के डूबान क्षेत्र में खेती-किसानी करने वाले किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।डूबान क्षेत्र के लगभग 10 से 15 एकड़ धान की फसल पूरी तरह से पानी मे डूब गया।जिसके कारण धान की फसल गलने लगी हैं। पिछले दिनों रूक रुककर हो रही बारिश से खेत खिलहान लबालब हो गए।