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आप नेता का कलेक्टर को पत्र…साहब शहर में खुलेआम जुआसट्टा,अवैध चखना दुकान चल रहा है जिसकी अवैध वसूली कांग्रेस के नेताओं के द्वारा लिया जा रहा, शिकायत के बाद भी नही होती कार्यवाही,इसलिए मेरा ही इस्तीफा स्वीकार करो…इसके अलावा लगाए और गंभीर आरोप*

 

 

बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर पालिका में फिर एकबार सियासत तेज हो गई है दल्लीराजहरा नगर पालिका उपाध्यक्ष ने स्थानीय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए नगर पालिका उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश बालोद कलेक्टर से की है


आम आदमी पार्टी नेता संतोष देवांगन ने बालोद कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा कि नगर पालिका परिषद, दल्ली राजहरा का उपाध्यक्ष हूँ। दिल्ली राजहरा नगर में बाई पास सड़क निर्माण, 100 बिस्तर हास्पिटल निर्माण, केन्द्रीय विद्यालय नगर के निवासियों को निःशुल्क मालिकाना हक पट्टा, बी.एस.पी. भूमि व रेलवे भूमि पर बसे लोगों को भी भूमि का मालिकाना हक पट्टा देने तथा नगर के बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग मेरे द्वारा निरन्तर रूप से किया जाता रहा है। साथ ही साथ वार्ड क्र. 10 में मूलभूत सुविधा बिजली, पानी सड़क व महिला शौचालय के निर्माण की मांग करते आया हूँ लेकिन आज तक मेरे द्वारा किये गये मांगों को पूरा नहीं किया गया है। जिसके चलते नगर के नागरिक व वार्डवासियों के द्वारा मेरे खिलाफ अनेकों प्रकार की बातें करते है। नगर पालिका कांग्रेस संगठन के हाथों में है और नगर का मुख्य विपक्षी दल भाजपा के पास है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार व देश में भाजपा की सरकार है। इस लिहाज से नगर में कांग्रेस भाजपा दोनों भाई चारा निभा रहे है। जिसके चलते ही क्षेत्र का विकास रुका हुआ है। साथ ही साथ शराब दुकान में चखना दुकान के नाम से शासकीय जगह पर अवैध कब्जा कर जमीन हथियाने का प्रयास चल रहा है। सट्टा का कारोबार भी नगर में खुले आम चल रहा है। जिसकी अवैध वसूली कांग्रेस के नेताओं के द्वारा लिया जा रहा है। मेरे द्वारा अनेकों बार इस विषय में प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन किसी भी प्रकार का कोई पहल नहीं किया गया। अतः नगर पालिका का उपाध्यक्ष बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता है। इसलिए मैं अपने निर्वाचित उपाध्यक्ष पद से अपना त्याग पत्र देना चाहता हूँ। अतः आपसे मेरा पुनः निवेदन है कि मेरा त्याग पत्र स्वीकार करने का कष्ट करें।

बहरहाल दल्लीराजहरा नगर पालिका उपाध्यक्ष के इस पत्र से सियासी बवाल मचना तय है लेकिन इस पत्र का प्रशासन पर कितना असर होता है ये देखना होगा

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