बालोद-ओबीसी की जातिगत जनगणना एवं अन्य विभिन्न मांगो के निराकरण करने की मांग को लेकर बुधवार को ओबीसी महासभा बालोद जिला द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौपा।ज्ञापन में बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य में सर्वदलीय बैठक बुलाकर बिहार के तर्ज पर ओबीसी की जातिगत जनगणना हेतु प्रस्ताव पारित किये जाने की अपील किया हैं। अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को वन पट्टा अधिकार पत्र दिए जाने के प्रावधान में निर्धारित अवधि को कम कर सरलीकरण किया जावे। देश के अन्य राज्यों की भांति छत्तीसगढ़ राज्य में ओबीसी से सबंधित लोक कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु पृथक से विभाग (मंत्रालय) संचालित किया जाए ।छत्तीसगढ़ के शालेय शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रमों में संविधान के अनुच्छेद 340 से तहत गठित मंडल आयोग के 40 बिन्दुओं के अनुशंसा को शामिल किया जाए । छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर छत्तीसगढ़ के प.क / एफ 9-3/2001/आ.प्र / 1-3 नवारायपुर, अटल नगर दिनांक 18/10/2018 के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए क्रीमी लेयर के मापदंडों में संशोधन तथा एक्जाइकरण के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गये है। जिसमें सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र कमांक एफ 9-3/2001/आ.प्र. / 1-3 दिनांक 19.09.2013 की कण्डिका 06 जाय / सम्पत्ति आंकलन (ख) (1) में दिये गये स्पष्टीकरण में उल्लेखित “संयुक्त रूप से” शब्दों को विलोपित किया गया है। शासन के निर्देशानुसार कृषि अथवा वेतन के आय को शामिल नहीं करने का उल्लेख है, जिसे तहसील स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए। किसी भी तहसीलदार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र बनाने में वेतन अथवा कृषि आय को क्रीमीलेयर के मापद हेतु जोड़ते हैं तो उस पर सख्ती से कार्यवाही किए जाने की मांग किया हैं।16 राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग छत्तीसगढ़ को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया आये। 7. छत्तीसगढ़ राज्य के वनांचल क्षेत्रों में हाथों के उत्पाद के अनेक परिवार को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है अत वन विभाग के माध्यम से हाथी के उपाय से बचने हेतु समुचित कार्यवाही किये जाने की माँग शासन से की हैं।इस दौरान ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष यज्ञदेव पटेल,सन्तोष कौशिक,चिंताराम,चन्द्रशेखर साहू,चमेली साहू,पालूराम,रोशन सहित ओबीसी महासभा के पदाधिकारी शामिल रहे।
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