
क्यों किया घेराव : दरअसल पिछले कई महीनों से किसी भी धरना प्रदर्शन में नहीं जाने वाली सरोज पांडे ने हजारों समर्थकों के साथ दुर्ग नगर निगम का घेराव किया. घेराव करने से पहले दुर्ग के जेआरडी स्कूल के मैदान में सभी कार्यकर्ता इकट्ठे हुए. उसके बाद सरोज पांडे के उद्बोधन के बाद हजारों की संख्या में कार्यकर्ता दुर्ग नगर निगम की ओर पैदल निकल पड़े. जैसे ही सरोज पांडे और उनके समर्थक नगर निगम के गेट पर पहुंचे. दुर्ग में डां सरोज पाण्डेय का हल्लाबोलपुलिस ने बढ़ाई थी सुरक्षा : पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बेरिकेडिंग की थी. इस दौरान सरोज पांडे ने पुलिस से कहा कि बैरिकेड हटा दें हम शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर वापस आ जाएंगे. जिस पर पुलिस ने उनकी कोई बात नहीं मानी. उसके बाद सरोज पांडे ने अपने कार्यकर्ताओं को कहा कि वह बैरिकेड तोड़कर अंदर चले जाए.

पुलिस के साथ हुई झूमाझटकी : इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में जमकर झूमा झटकी की भी हुई. प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर नगर निगम के अंदर तो पहुंच गए. लेकिन अंतिम बैरिकेड के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया. उसके बाद सरोज पांडे के कहने पर 15 लोगों के बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने निगम कमिश्नर को जाकर अपना ज्ञापन सौंपा.निगम कमिश्नर को सरोज ने दी चेतावनी : डां सरोज पांडे ने कहा कि ”दुर्ग शहर में इन दिनों भ्रष्टाचार फैला हुआ है. कहीं भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है. न नालियों की सफाई हो रही है न तालाबों की सफाई हो रही है. हर जगह भ्रष्टाचार हो रहा है. लोग इससे परेशान हैं लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है. आम लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है. इन तमाम परेशानियों को लेकर दुर्ग नगर निगम पहुंची थी. इस दौरान पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की.’

विधानसभा चुनाव पर क्या बोली सरोज : सरोज पांडेय से जब यह पूछा गया कि क्या प्रदर्शन के माध्यम से सरोज पांडे 2023 में होने वाले विधानसभा में दुर्ग से तैयारी कर रही है? उस पर सरोज पांडे का कहना था कि ”सरोज पांडे सिर्फ दुर्ग की नेता नहीं है. और चुनाव सिर्फ दुर्ग भिलाई में नहीं हो रहा है. चुनाव पूरे छत्तीसगढ़ में होना हैं. पूरे छत्तीसगढ़ में हमारे कार्यकर्ता चुनाव लड़ेंगे, सरोज पांडे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी. लेकिन जब कार्यकर्ता लड़ेंगे तो मैं उनके लिए लडूंगी.”




















