बालोद- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा नयापारा बालोद से जगन्नाथपुर साकरा तक पक्की सड़क बनाई जा रही लेकिन रोड निर्माण के ठेकेदार द्वारा बेहद धीमी गति से किया जा रहा है। सड़क आधे-अधूरे होने की स्थिति में इस इलाके के कई गांवों के ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बता दे कि नयापारा बालोद से जगन्नाथपुर चौक तक 10.40 किमी सड़क को नौ मीटर चौड़ी करने पिछले साल फरवरी में शासन की ओर से 8.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। पीएमजीएसवाई के आदेश पर निर्माण एजेंसी ने काम की शुरुआत कर दी है, लेकिन ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से किया जा रहा हैं।शहर से दूर बसे गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में लाभान्वित करने के दावे सच से कोसों दूर हैं। नयापारा बालोद से जगन्नाथपुर साकरा तक 10.40 किमी सड़क निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा हैं। सड़क पर उछलती गिट्टी और उड़ती धूल में दुपहिया वाहन चलाना क्षेत्रवासियों के लिए चुनौती बन गया है। सड़क निर्माण ने न केवल फिसलन, वरन दुर्घटनाएं बढा दी है।
धीमी गति से चल रहा सड़क निर्माण कार्य
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम नयापारा से जगन्नाथपुर साकरा तक सड़क बनाई जा रही है। मगर ठेकेदार धीमी गति से काम कर रहा है। ठेकेदार द्वारा कई जगहों पर गिट्टी डालकर काम बंद कर दिया गया है। इसकी वजह से यहां होकर गुजरने वाले ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की माने तो सड़क का काम बेहद धीमी गति से चलने की वजह से उन्हें गांव से आते-जाते समय भारी धूल का सामना करना पड़ता है। जर्जर रास्ते की वजह से हादसे होने का खतरा भी बना रहता है। ठेकेदार के द्वारा सड़क का कार्य जल्दी नहीं करवाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में तेजी लाने पीएमजीएसवाई से की मांग
जनपद सदस्य सीता यशवंत साहू ने बताया कि पिछले 1 साल से धीमी गति से निर्माण चल रहा है। ग्रामीणों को जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। सड़क पर गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, इससे यहां हादसे होने का खतरा बना रहता है। कई मोटर साइकिल सवार तो अनियंत्रित होकर गिर चुके हैं। इससे पूर्व में कई अप्रिय घटनाएं भी घटित हो चुकी हैं। हादसे होने की संभावना बनी है। बावजूद पीएमजीएसवाय विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस सड़क का निर्माण तेजी से करवाए जाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इस वजह से हमें आने-जाने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। हमारी मांग है, कि सड़क का काम तेज गति से किया जाए ताकि, हमारी परेशानी खत्म हो।