प्रदेश रूचि


इधर बारिस से भीगे धान आंकलन की रिपोर्ट नही आई तो दुसरीं तरफ ख़रीदी केंद्रों में भीगे धान पहुंचाए जा रहे संग्रहण केंद्र,धान कम खराब होने के दावे की खुल रही पोल

 

बालोद।बीते दिनों हुई बारिस के बाद जहां जिले के सभी खरीदी केंद्रों में रखे धान के बोरे भीग चुकी थी जिसका आंकलन तो अब तक नही हुआ वही अब इन भीगे धानो को संग्रहण केंद्रों में खपाने की तैयारी में जुटे है कई समिति प्रबंधक जबकि जिला सहकारी समिति द्वारा दावा किया जा रहा कि जो धान कम मात्रा में भीगी है, उसे सूखाने का भी कार्य समितियों द्वारा किया जा रहा है। ताकि उन्हें कम मात्रा में नुकसान हो। लेकिन प्रदेशरूचि को जब इस बात की जानकारी मिली तो जिला मुख्यालय से लगे मालीघोरी संग्रहण केंद्र पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया । जहां की स्थिति देखकर सन्न रह गए। बारिश से भीगे हुए धान को सीधे संग्रहण केंद्र पहुचाया जा रहा है। खरीदी केंद्र से गीली बोरियों में बारिश का भीगा धान मालीघोरी संग्रहण केंद्र पहुंचा है और जहां बिना सुखाए ही इसे छल्ली बनाकर रख दिया जाएगा। जब धान अंकुरित हो जाएगा तब इस धान के खराब होने का ठीकरा किस पर फूटेगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा।

● खराब हो रहे धान की देखरेख में लापरवाही ●

खरीदी केंद्रों में रखे अरबो रुपए के धान को सुरक्षित रखने के व्यापक इंतजाम नहीं किए गए। इसके कारण बारिश से यहां खरीदे गए धान भीग गए। कई बोरियां गीली हो गई है। बारिश का पानी पड़ने से अंकुरण की संभावनाएं भी बढ़ गई है। बावजूद इसके भीगे धान का परिवहन कराया जा रहा। बेमौसम बारिश के बाद अब खराब हो रहे धान की देखरेख में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। जबकि यहां अफसर पहुंच भी रहे, लेकिन देखकर भी अंजान बन रहे हैं। समिति प्रबंधको व अफसरों की लापरवाही से करोड़ों का नुकसान तय है।

● हजारों क्विंटल धान हो गया है गीला ●

पिछले दिनों पानी गिरने से जिले के खरीदी केंद्रों में रखे लाखो क्विंटल धान में से भारी मात्रा में धान गीला हो चुका है। धान को खुले में ही रखा गया था। इसके परिणाम स्वरूप धान का अधिकांश हिस्सा गीला हो चुका है। जिसे सुखाने की जगह संग्रहण केंद्रों में भेजा जा रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि ज्यादातर खरीदी केंद्रों में बारिश की वजह से धान गीले हैं।

● आया गीला व मिक्स धान, प्रभारी ने वापस लौटाया ●

प्रदेशरूचि के पड़ताल में एक और चौकाने वाली बात सामने आई। माहुद (अ) उपार्जन केंद्र से ट्रांसपोर्टर दमन मनदीप रोडलाइन्स के ट्रक क्रमांक CG 08 AC 9111 और CG 08 AA 9911 से कुल 700 क्विंटल (1750 बोरा) सरना धान मालीघोरी फड़ में संग्रहण के लिए भेजा गया। खरीदी केंद्र से आया धान गीला और मिक्स था। मतलब खरीदी केंद्र से सरना धान भेजा जाना बताया गया लेकिन केंद्र में आए धान की जब तस्दीक की गई तो धान की बोरियो में अलग अलग किस्म की मिक्स धान थी। हालांकि फड़ प्रभारी ने मौके पर पंचनामा बनाकर धान वापस लौटा दिया।

● ट्रांसपोर्टर की बल्ले बल्ले, सरकार को नुकसान ●

परिवहन के नाम पर ट्रांसपोर्टरों की बल्ले बल्ले है। ऐसा इसलिए कि फड़ से भले ही धान लौटा दिया गया हो लेकिन ट्रांसपोर्टर को किराया भाड़ा तो मिलेगा ही। ऊपर से उतनी ही मात्रा में धान के परिवहन का एक और मौका। भले ही ऐसी लापरवाहियो पर पर्दा डाल दिया जाए पर सरकार को नुकसान तय है।

● अनदेखी रही जारी तो अंकुरण तय ●

देश के अन्नदाता किसान के द्वारा हाड़ तोड़ मेहनत का मेहनताना भले ही उसे मिल चुका हो किन्तु उसकी मेहनत से उपजे फसल का अंजाम बेहद ही भयानक और दुखदायी है। ठंड के मौसम में हुई बारिश और ओस की बूंदों ने धान को अंकुरित करने के लिए उपजाऊ माहौल तैयार किया है। अगर जिम्मेदार अफसरो के अनदेखी का सिलसिला जारी ऐसे ही जारी रहा तो धान अंकुरित जरूर होगा।

● फैक्ट फाइल ●

√ उपार्जन केंद्र 138
√ संग्रहण केंद्र 4
√ अब तक खरीदे धान 33.75 लाख क्विंटल
√ धान का हुआ उठाव 11.25 लाख क्विंटल
√ उपार्जन केंद्र में जाम 22.49 लाख क्विंटल
√ खरीदे धान की कीमत 6 अरब रुपए

क्या कहते है जिम्मेदार

 धान के नुकसानी का आंकलन किया जा रहा है। अभी तक पूरा रिपोर्ट ही नही आया। नुकसान का सही आंकलन समितियों की खरीदी के बाद अंतिम मिलान होने के बाद ही पता चल पाएगा: सत्येंद्र वैदे नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक

 

 माहुद (अ) खरीदी केंद्र से आया था। धान गीला और मिक्स था इसलिए वापस भेज दिया है: मधुसूदन यादव प्रभारी, संग्रहण केंद्र मालीघोरी

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