
पेड़ो को काटकर विकास करना उचित नही
भावना फाउंडेशन के संचालक दीपक थवानी का कथन है कि जहां एक तरफ शासन प्रशासन पेड़ों को लगाने के लिए नई-नई योजनाएं चला रही है तो इस तरह के जंगल मे जहां लगभग 1000 पेड़ जो 100 साल से भी पुराने हैं, उनको काटा जाना बिल्कुल सही नहीं है, हम विकास रोकना नहीं चाहते, लेकिन पेड़ों को काट कर विकास करना उचित नहीं है। अन्य विकल्प ढूंढकर वहां उद्यानिकी महाविद्यालय बनाया जाए हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है ।ग्रामवासी उप तहसील पर 16 सितंबर 2020 आवेदन किए थे, व 12-अक्टूबर 2020 को पुनः कलेक्टर को आवेदन देकर ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई थी। इसके बाद 21 जून 2021 को फिर से कलेक्टर के पास फिर से ज्ञापन दिया गया, किन्तु आज पर्यन्त तक ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया है।जिसके बाद आज भालूकोन्हा के लोग डौंडी लोहारा आकर अनुविभागीय दण्डाधिकारी को ज्ञापन देते हुए उक्त चारागाह की भूमि को उद्यानिकी विभाग को न देने व निवेदन करते हुए उक्त भूमि को पशुओं की चारागाह की समस्या को देखते हुए उक्त भूमि को यथावत रखने की बात कही गई ।ज्ञापन देने, संध्या भारद्वाज, भावना फाउंडेशन के संचालक दीपक थवानी, कांति बाई पंच, मैना बाई पंच, मंजू बाई, त्रिवेणी साहू, संगीता, पुष्पा, उर्वशी बाई, सोनिया, नकुल राम साहू, दीनू राम, रोशन साहू, पोषण लाल, रोमनाथ ताराम, होमेन्द्र, राकेश कुमार, विकास, लोमन साहू, नेहरू राम, मनराखन लाल, सागर, निखिल, एवन कुमार, कृष्णा, द्रोन कुमार, विनय कुमार, चितेश्वर, भिषम कुमार , रमनलाल, मयंक सिंह एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे ।




















