बालोद। जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और आगामी धान खरीदी की तैयारियों को लेकर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने हाल ही में आए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के चलते बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसलों एवं पशुधन को हुए नुकसान का आकलन प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित किसानों और पशुपालकों को नियमानुसार राहत एवं मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया।
बैठक में राजस्व विभाग के मैदानी कार्यों, विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे सर्वेक्षण, डिजिटल क्रॉप सर्वे और आगामी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में और पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

पात्र हितग्राहियों का सर्वेक्षण प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश
नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के तहत पट्टा प्रदान करने के लिए जिले के सभी नगरीय निकायों में चल रहे सर्वेक्षण की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण में कोई भी पात्र हितग्राही छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए निकायवार सर्वे कार्य में तेजी लाने और पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। वहीं, मैदानी स्तर पर सर्वेक्षण कर रहे सर्वेयरों के मानदेय भुगतान की स्थिति की जानकारी लेते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में पारदर्शिता पर जोर, ग्राम सभाओं में होगा प्रमाणीकरण
कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त समन्वय से संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए डीसीएस मोबाइल एप के माध्यम से खेतों के पॉलीगॉन सर्वेक्षण की प्रगति पर जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि गिरदावरी और फसल रकबे का सटीक निर्धारण आगामी धान खरीदी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सर्वेक्षण में किसी तरह की त्रुटि नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ग्राम सभाओं का अनिवार्य रूप से आयोजन कर किसानों के समक्ष गिरदावरी और फसल रकबे से संबंधित विवरण का वाचन कराने तथा उसका प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्राम सभाओं के दौरान प्राप्त होने वाली आपत्तियों का भी समयबद्ध निराकरण करने को कहा गया। इसके साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे में लगे सर्वेयरों का लंबित मानदेय तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए।

तूफान से प्रभावित गांवों में पहुंचेगा राजस्व और कृषि विभाग का अमला
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों एवं पशुधन को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संयुक्त सर्वेक्षण के निर्देश दिए। राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को प्रभावित गांवों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने, फसल क्षति और मवेशियों की हानि का विस्तृत आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों और पशुपालकों को आरबीसी 6-4 तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुरूप पात्रता के आधार पर राहत एवं मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई में देरी न हो।
15 नवंबर से धान खरीदी, बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
जिले में आगामी 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने सभी धान उपार्जन केंद्रों में बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और उपार्जन केंद्रों में नए एवं पुराने बारदानों का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मिलर्स और पीडीएस दुकानों से बारदानों की समय पर वापसी एवं संग्रहण के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीदी शुरू होने के बाद किसानों को बारदानों की कमी या अन्य व्यवस्थागत परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, गिरधारी लाल यादव एवं हरिवंश सिंह मिरी, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष सहित जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खाद्य अधिकारी तथा राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।













