बालोद। इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप देने के नाम पर 31 लाख 80 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सनौद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे सीबीके ईवी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर के सीईओ नंदकिशोर साहू को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने डीलरशिप देने और 100 प्रतिशत कैशबैक का लालच देकर रकम जमा कराई, लेकिन वादे के मुताबिक कारोबार के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराए। पुलिस ने आरोपी को 10 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में कंपनी के एमडी लोकेश द्विवेदी और सीएमडी पुरुषोत्तम साहू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सीईओ की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में फरार चल रहे एक अन्य प्रमुख आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ लिया है।

100 प्रतिशत कैशबैक के लालच में जमा कराए 31.80 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, ग्राम भानपुरी निवासी मनीष कुमार साहू (27 वर्ष) ने 5 मई 2026 को थाना सनौद में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सीबीके ईवी मोटर्स एवं सीबीके सर्विस सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर से जुड़े लोगों ने इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूल वैन, लोडर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप देने का प्रस्ताव रखा था। इसके साथ ही निवेश की गई राशि पर 100 प्रतिशत कैशबैक देने का भरोसा दिलाया गया था।
इस प्रस्ताव पर भरोसा करते हुए प्रार्थी ने डीलरशिप के लिए शुरुआत में 10 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद कंपनी की ओर से इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान उपलब्ध कराने के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग की गई। प्रार्थी ने 30 मई 2024 से अलग-अलग किश्तों में कंपनी के बताए बैंक खातों में कुल 31 लाख 80 हजार रुपये जमा कराए।
दुकान खोलने के बाद भी नहीं मिले वाहन, लौटाए गए चेक भी हुए बाउंस
डीलरशिप मिलने के बाद प्रार्थी ने ग्राम सनौद में किराये पर दुकान लेकर कारोबार शुरू करने की तैयारी की। इस दौरान कंपनी ने उसे 11 इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए, लेकिन वाहनों की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण कंपनी ने उन्हें वापस ले लिया। कंपनी ने नए वाहन देने का आश्वासन दिया, लेकिन लंबे समय तक वाहन उपलब्ध नहीं कराए गए।
प्रार्थी ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो 6 सितंबर 2024 को उसे 1 लाख 45 हजार रुपये लौटाए गए। शेष राशि के भुगतान के लिए कंपनी की ओर से तीन चेक दिए गए, लेकिन बैंक में जमा करने पर स्टॉप पेमेंट के कारण चेक अनादरित हो गए।
इसके बाद प्रार्थी ने पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सनौद में अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत धारा 420 और 34 भारतीय दंड विधान के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं कंपनी के MD और CMD
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को कंपनी के एमडी लोकेश द्विवेदी, निवासी कटघोरा, जिला कोरबा और सीएमडी पुरुषोत्तम साहू, निवासी सारंगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।
वहीं, कंपनी का सीईओ नंदकिशोर साहू गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी।

ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तारी, रायपुर कार्यालय से जुड़ा सामान बरामद
पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी के बाद फरार आरोपी नंदकिशोर साहू (35 वर्ष), पिता लखनलाल साहू, निवासी ग्राम रोहांसी, तहसील एवं थाना पलारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से हिरासत में लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर रायपुर स्थित कंपनी के कार्यालय के संचालन में इस्तेमाल की गई सामग्री भी बरामद की गई।
बरामद सामान में सीसीटीवी कैमरे, एसी, टेबल, कुर्सियां, अलमारी, टीवी और तीन इलेक्ट्रिक स्कूटी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी को 10 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय बालोद में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के निर्देशन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी गुरूर माया शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।
थाना प्रभारी सनौद निरीक्षक सोनसिंह सोरी के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक नंदकुमार साहू, आरक्षक दमन वर्मा, गौकरण यादव, टिकेन्द्र कुमार सोरी, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक भुनेश्वर मरकाम तथा आरक्षक गुलजारी साहू एवं मिथलेश यादव शामिल रहे।













