समाज के जिला भवन का किया लोकार्पण, अभूतपूर्व स्वागत के लिए जताया आभार; परीक्षा की पारदर्शिता, आवास योजना और नक्सलवाद-झीरम मामले को लेकर सरकार को घेरा
बालोद। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को अपने एकदिवसीय प्रवास पर बालोद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कलार समाज द्वारा आयोजित तीज मिलन समारोह में शामिल होने के साथ ही कलार समाज के नवनिर्मित जिला भवन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक जन मौजूद रहे।
कलार समाज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि समाज की मांग पर उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान कम दर पर जमीन उपलब्ध कराई गई थी। आज उसी जमीन पर समाज का जिला भवन बनकर तैयार हुआ है, यह उनके लिए खुशी की बात है। उन्होंने भवन निर्माण पूर्ण होने पर समाज के लोगों को बधाई दी तथा कार्यक्रम में किए गए स्वागत और सम्मान के लिए समाज का आभार व्यक्त किया।

‘युवा संवाद’ कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में भी कराने की मांग
कलार समाज के कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित कराने की मांग की।
उन्होंने परीक्षा व्यवस्था और उसकी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2024 की परीक्षा में सही और गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को समान अंक मिलने के कई उदाहरण सामने आए हैं। बघेल ने दावा किया कि इस तरह की गड़बड़ी के कारण गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थी भी परीक्षा में सफल हुए और नौकरी तक पहुंच गए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 के प्रश्नपत्र को छात्रों के सामने सार्वजनिक किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि इससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। उन्होंने कहा कि मामले में इंटरव्यू रोक दिया गया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही जांच सीबीआई को सौंपी गई।
बघेल ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की।

विजय शर्मा की चुनौती पर बघेल का पलटवार
नक्सलवाद और झीरम घाटी मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा खुली बहस की चुनौती दिए जाने के सवाल पर भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विजय शर्मा को ‘छोटा रिचार्ज’ कहते हुए कहा कि पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कोल ब्लॉक के मुद्दे पर उनकी चुनौती स्वीकार करें, उसके बाद ही ‘छोटे रिचार्ज’ की चुनौती पर बात होगी।
बघेल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर नक्सलवाद, झीरम घाटी और कोल ब्लॉक जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत नजर आए।
आवास योजना के आंकड़ों पर भी सरकार से मांगा जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़ों को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में करीब 14 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में करीब 4 लाख आवास स्वीकृत हुए थे।
बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से आवास योजना के आंकड़ों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आधिकारिक आंकड़ों के माध्यम से यह स्पष्ट करना चाहिए कि अलग-अलग कार्यकाल में कितने आवास स्वीकृत हुए और वास्तविक स्थिति क्या है।

सामाजिक कार्यक्रम से राजनीतिक मुद्दों तक चर्चा में रहा दौरा
भूपेश बघेल का बालोद प्रवास जहां कलार समाज के तीज मिलन समारोह और जिला भवन के लोकार्पण के कारण सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, वहीं कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा में उनके द्वारा उठाए गए विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों के चलते उनका दौरा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा।
एक ओर उन्होंने समाज के भवन निर्माण के लिए पूर्ववर्ती सरकार के दौरान उपलब्ध कराई गई जमीन का उल्लेख किया, वहीं दूसरी ओर परीक्षा व्यवस्था, युवा संवाद, नक्सलवाद एवं झीरम घाटी, कोल ब्लॉक और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे मुद्दों पर राज्य सरकार से जवाब मांगा।
पूर्व मुख्यमंत्री के बयानों के बाद इन मुद्दों को लेकर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप और बहस तेज होने की संभावना है।













