सीबीके ईवी मोटर्स से जुड़ी शिकायत पर सनौद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, दो आरोपी जेल भेजे गए; एक की तलाश जारी
बालोद। सीबीके ईवी मोटर्स की डीलरशिप और इलेक्ट्रिक स्कूटर कारोबार में आकर्षक लाभ के साथ 100 प्रतिशत कैशबैक का भरोसा दिलाकर 31 लाख 80 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सनौद पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में नामजद एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना एवं एसडीओपी गुरूर माया शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।
डीलरशिप के साथ 100 प्रतिशत कैशबैक का दिया भरोसा
पुलिस के मुताबिक ग्राम भानपुरी, थाना गुरूर निवासी मनीष कुमार साहू ने थाना सनौद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में वह CBK EV MOTORS प्राइवेट लिमिटेड से जुड़कर काम कर रहा था। इसी दौरान कंपनी की डीलरशिप और इलेक्ट्रिक स्कूटर व्यवसाय के संबंध में उसे आकर्षक लाभ तथा 100 प्रतिशत कैशबैक देने का भरोसा दिलाया गया।
शिकायत के अनुसार भरोसे में लेकर कंपनी से संबंधित बैंकिंग माध्यमों तथा नकद के जरिए उससे कुल 31 लाख 80 हजार रुपये लिए गए। बाद में निर्धारित शर्तों के अनुसार कैशबैक की राशि नहीं मिलने का आरोप लगाया गया।
गुणवत्ताहीन वाहन मिलने के बाद रकम वापसी का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे कंपनी की ओर से गुणवत्ताहीन वाहन उपलब्ध कराया गया, जिसे उसने वापस कर दिया। इसके बाद न तो दूसरा वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही उसके द्वारा जमा की गई राशि वापस की गई। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

CEO, MD और CMD के रूप में दर्ज थे नाम
पुलिस ने मामले में नंदकिशोर साहू, लोकेश द्विवेदी और पुरुषोत्तम साहू को नामजद आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार कंपनी से संबंधित दस्तावेजों में नंदकिशोर साहू को CEO, लोकेश द्विवेदी को MD तथा पुरुषोत्तम साहू को CMD के रूप में जुड़े होने का उल्लेख मिला है।
दो गिरफ्तार, एक आरोपी की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं तीसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर तलाश और कार्रवाई की जा रही है।
बैंक खातों से लेकर एग्रीमेंट तक खंगाल रही पुलिस
विवेचना के दौरान शिकायतकर्ता ने कंपनी के बैंक खाते में अलग-अलग तारीखों में जमा की गई रकम तथा अन्य माध्यमों से किए गए भुगतान से संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई है। पुलिस के पास बैंक स्टेटमेंट, कंपनी के चेक, एग्रीमेंट सहित अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।
पुलिस इन दस्तावेजों के साथ बैंकिंग लेन-देन की जांच कर रही है, ताकि रकम के लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
मेमोरेंडम कथनों में कंपनी संचालन से जुड़ी जानकारी
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान आरोपी लोकेश द्विवेदी और पुरुषोत्तम साहू के मेमोरेंडम कथन दर्ज किए गए हैं। इनमें कंपनी की स्थापना, शेयर होल्डिंग, डीलरशिप संचालन, बैंक खातों, वाहनों की बिक्री तथा कंपनी से संबंधित रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों के रख-रखाव के संबंध में जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस द्वारा इन बयानों में सामने आए तथ्यों का कंपनी के दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।
धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज
थाना सनौद में मामले में धारा 420 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक सोन सिंह सोरी द्वारा की जा रही है। पुलिस बैंक खातों, कंपनी दस्तावेजों, चेक, एग्रीमेंट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
बालोद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कंपनी की डीलरशिप, निवेश अथवा व्यवसायिक योजना में राशि लगाने से पहले कंपनी की वैधानिक स्थिति, पंजीयन और संबंधित दस्तावेजों का आवश्यक रूप से सत्यापन करें। पुलिस ने आकर्षक कैशबैक या अधिक लाभ के प्रलोभन में बिना पूरी जानकारी और पुष्टि के किसी व्यक्ति अथवा संस्था को रकम देने से बचने की सलाह दी है।













