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प्रदेश रूचि

मोदी सरकार के कार्यकाल पर कांग्रेस का सवालों का वार, छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’ भी निशाने पर

महंगाई, बेरोजगारी, किसान, नोटबंदी और जीएसटी से लेकर सरकारी योजनाओं तक उठाए सवाल; ‘आशीर्वाद के दीया अभियान’ के खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

बालोद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को भाजपा द्वारा ‘सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाए जाने के बीच बालोद जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। गुरुवार को राजीव भवन बालोद में आयोजित पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय, नोटबंदी, जीएसटी, सरकारी नौकरियों, पेपर लीक, वनाधिकार और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े मुद्दों को सामने रखते हुए सरकार से जवाब मांगा।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि कांग्रेस के नजरिए से मोदी सरकार का कार्यकाल महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और चुनावी वादों के क्रियान्वयन को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई कम करने, रोजगार उपलब्ध कराने, किसानों की आय दोगुनी करने, विदेशों से काला धन वापस लाने और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार जैसे मुद्दों को लेकर किए गए वादों की स्थिति पर जनता आज भी सवाल कर रही है।

नोटबंदी और जीएसटी पर कांग्रेस का तर्क

पत्रकारवार्ता में नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। हिरवानी ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के दौरान छोटे व्यापारियों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं जीएसटी के क्रियान्वयन को लेकर कांग्रेस ने छोटे और मध्यम कारोबार तथा उद्योगों पर पड़े प्रभाव का मुद्दा उठाया।

कांग्रेस नेताओं ने बेरोजगारी, महंगाई, किसानों को उपज का उचित मूल्य, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, श्रमिक हित, वनाधिकार कानून और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े मामलों को भी सरकार की नीतियों के संदर्भ में उठाया। कांग्रेस का आरोप रहा कि इन नीतियों का प्रभाव आम लोगों, किसानों, मजदूरों और युवाओं पर पड़ा है।

छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’ के वादों पर भी सवाल

संजारी-बालोद विधायक एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने राज्य की भाजपा सरकार को चुनाव के दौरान किए गए वादों की याद दिलाते हुए कई मुद्दे उठाए। उन्होंने एक लाख सरकारी नौकरियों, 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर, अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता और छात्रों को मुफ्त परिवहन पास जैसे वादों की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने महतारी वंदन योजना, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ करने की योजना और गौठानों से जुड़े विषयों को भी चर्चा में लाते हुए कहा कि चुनावी घोषणाओं और उनके जमीनी क्रियान्वयन के बीच की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

‘आशीर्वाद के दीया अभियान’ के खर्च पर प्रशासन से मांगा हिसाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में चलाए जा रहे बताए गए ‘आशीर्वाद के दीया अभियान’ को लेकर भी कांग्रेस ने प्रशासन से सवाल किया। संगीता सिन्हा ने कहा कि यदि यह सरकारी कार्यक्रम है और विभागों को इसके लिए लक्ष्य दिया गया है, तो दीये, बाती और तेल सहित अन्य सामग्री पर होने वाले खर्च का प्रावधान किस मद से किया गया है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से अभियान में हुए खर्च का विवरण जनता के सामने रखने की मांग की। इस मुद्दे के जरिए कांग्रेस ने सरकारी कार्यक्रमों में होने वाले व्यय और उनकी पारदर्शिता को राजनीतिक बहस का विषय बनाया।

गुजरात के घटनाक्रम का भी किया उल्लेख

पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान हुए गोधरा कांड और उसके बाद हुए दंगों का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेताओं ने इन घटनाओं के संदर्भ में भाजपा से जवाब और आत्ममंथन की मांग रखी।

रोजगार से काले धन तक प्रधानमंत्री से कई सवाल

पत्रकारवार्ता के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष कई सवाल रखे। इनमें रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, पेट्रोल-डीजल की कीमतें, नोटबंदी के प्रभाव, जीएसटी, 100 स्मार्ट सिटी, जनधन खाते, विदेशी निवेश, सरकारी संपत्तियों की बिक्री, मीडिया की स्वतंत्रता, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और विदेशों में जमा काले धन की वापसी जैसे मुद्दे शामिल रहे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इन विषयों पर जनता सरकार से जवाब चाहती है और कांग्रेस आगे भी इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

राजनीतिक संदेश क्या रहा?

प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर भाजपा जहां सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए अपनी सरकार के कामकाज को जनता के बीच रखने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस ने इसी अवसर को सरकार के वादों और नीतियों पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया। बालोद की पत्रकारवार्ता में केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज को अलग-अलग मुद्दों से जोड़ते हुए कांग्रेस ने यह संकेत देने की कोशिश की कि आने वाले समय में महंगाई, रोजगार, किसान, सरकारी योजनाओं और चुनावी वादों का क्रियान्वयन उसके राजनीतिक विमर्श के प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

पत्रकारवार्ता में उपस्थित: जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा दुबे, महामंत्री धीरज उपाध्याय, शंभू साहू, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बालोद शहर अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, बालोद ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, डौंडीलोहारा ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार प्रभाकर, विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, पार्षद सुमित शर्मा, संतोष तारम, रमेश कड़ू सहित कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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