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जन्मदिन पर संवेदना और स्नेह का अनूठा संदेश, कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने बुजुर्गों से लिया आशीर्वाद, बच्चों के बीच किया न्योता भोज

वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं के साथ बिताया वक्त, वनांचल के नंगूटोला पहुंचकर बच्चों को परोसा भोजन; उपहारों के साथ बांटा अपनापन

बालोद।आमतौर पर जन्मदिन का मतलब उत्सव, केक और अपनों के बीच खुशियां मनाना होता है, लेकिन बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अपने जन्मदिन को संवेदना, स्नेह और सामाजिक सरोकार से जोड़कर इसे एक यादगार अवसर बना दिया। उन्होंने अपना जन्मदिन न किसी औपचारिक समारोह में, बल्कि पहले वृद्धाश्रम की बुजुर्ग महिलाओं के बीच और फिर जिले के सुदूर वनांचल के स्कूली बच्चों के साथ मनाया। दिनभर के इन दोनों पड़ावों में कहीं आशीर्वाद मिला तो कहीं बच्चों की खिलखिलाहट और आत्मीयता—और दोनों जगह कलेक्टर ने लोगों के साथ मिलकर खुशियां बांटीं।

जन्मदिन के अवसर पर दिव्या मिश्रा आदमाबाद स्थित समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रम पहुंचीं। यहां उन्होंने बुजुर्गों के साथ आत्मीय समय बिताया और उनसे आशीर्वाद लिया। उन्होंने सभी बुजुर्गों को फल और दैनिक उपयोग की सामग्री भेंट की। महज औपचारिक मुलाकात तक सीमित रहने के बजाय उन्होंने प्रत्येक बुजुर्ग से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य, दिनचर्या तथा खान-पान की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आश्रम प्रबंधन को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बुजुर्गों के बीच जन्मदिन मनाने के बाद कलेक्टर का अगला पड़ाव जिले का वनांचल बना। डौंडीलोहारा विकासखंड के आदिवासी बहुल ग्राम नंगूटोला की शासकीय प्राथमिक शाला में उन्होंने स्कूली बच्चों के बीच पहुंचकर जन्मदिन मनाया। यहां उन्होंने बच्चों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के साथ न्योता भोज किया। खास बात यह रही कि कलेक्टर स्वयं बच्चों के साथ जमीन पर बैठीं और अपने हाथों से उन्हें भोजन परोसा।

बच्चों के साथ केक काटकर उन्होंने जन्मदिन की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर बच्चों को स्कूल बैग, जूते और टॉफियां भी भेंट कीं। उपहारों से ज्यादा बच्चों के लिए कलेक्टर का उनके बीच बैठना, उनसे बातचीत करना और आत्मीय दुलार पाना खास रहा। ग्रामीण और स्कूली विद्यार्थी भी इस सहज अंदाज से अभिभूत नजर आए।

बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने पढ़ाई को जीवन में आगे बढ़ने की सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी बताते हुए पूरे मनोयोग, निष्ठा और ईमानदारी से पढ़ाई करने की समझाइश दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे शिक्षा के माध्यम से अपने माता-पिता, परिवार और विद्यालय का नाम रोशन करें।

एक ही दिन में जन्मदिन के दो अलग-अलग पड़ावों ने इस अवसर को खास बना दिया। वृद्धाश्रम में बुजुर्गों का आशीर्वाद और नंगूटोला में बच्चों की मुस्कान—इन दोनों के बीच कलेक्टर ने अपने जन्मदिन को पद और औपचारिकताओं से दूर रखते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ मनाया। उनका यह अंदाज प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ समाज के प्रति आत्मीय जुड़ाव का संदेश भी देता नजर आया।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, डिप्टी कलेक्टर आशीष पेंद्रो, जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, वृद्धाश्रम का स्टाफ, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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