सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें, वन विभाग की टीम ने किया निरीक्षण; एक सप्ताह से रिहायशी इलाकों में लगातार नजर आ रहा भालू
बालोद। जिला मुख्यालय बालोद में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला अस्पताल परिसर में एक भालू के घूमने की सूचना सामने आई। बताया जा रहा है कि रात करीब एक बजे अस्पताल परिसर में भालू को देखा गया। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी भालू की मौजूदगी कैद हुई है। रात के समय अस्पताल जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले परिसर में वन्यजीव के पहुंचने की घटना से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया।
हालांकि, अस्पताल परिसर में भालू की मौजूदगी के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने या भालू द्वारा किसी पर हमला किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। इसके बाद विभागीय अमले ने क्षेत्र की निगरानी शुरू की।

एसडीओ ने अस्पताल परिसर का किया निरीक्षण
घटना के बाद शुक्रवार दोपहर वन विभाग के एसडीओ जिला अस्पताल परिसर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र का जायजा लेते हुए भालू की गतिविधियों तथा उसके संभावित आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई। वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में निगरानी भी की जा रही है।
अस्पताल परिसर में भालू के पहुंचने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रात के समय भी जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि भालू दोबारा अस्पताल परिसर में पहुंचता है तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

एक सप्ताह से रिहायशी इलाकों में दिख रहा भालू
बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक सप्ताह से बालोद जिले के अलग-अलग रिहायशी क्षेत्रों में भालू की मौजूदगी लगातार सामने आ रही है। नारागांव, दल्लीराजहरा, जमरूवा सहित आसपास के इलाकों में भी भालू के देखे जाने की सूचनाएं सामने आई हैं। लगातार रिहायशी इलाकों में भालू के पहुंचने से ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
लोगों के मुताबिक, भालू के लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने के बावजूद अब तक ऐसी कोई ठोस और स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आई है, जिससे वन्यजीव के रिहायशी इलाकों में आने पर प्रभावी तरीके से रोक या उसे सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
अपील तक सीमित कार्रवाई? लोगों में नाराजगी
भालू के रिहायशी इलाकों में लगातार दिखाई देने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि घटनाओं की जानकारी सामने आने के बाद विभाग द्वारा आम लोगों से सतर्क रहने और वन्यजीव से दूरी बनाए रखने की अपील जरूर की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी, ट्रैकिंग और भालू की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय किए जाने की जरूरत है।













