राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से इस पहल को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सभागार निर्माण की मांग साहू समाज द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही थी। समाज के प्रतिनिधियों ने पूर्व मंत्री से लेकर वर्तमान में भाजपा के कई नेताओं तक अपनी मांग पहुंचाई, लेकिन लंबे समय तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी।

वर्षों से लंबित मांग को कुसुम शर्मा ने उठाया
साहू समाज के पदाधिकारियों के अनुसार, सभागार की आवश्यकता को लेकर लगातार मांग की जाती रही थी। समाज के कार्यक्रमों, बैठकों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए स्थायी स्थान की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। कई स्तरों पर मांग रखे जाने के बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
इसी बीच डौंडीलोहारा भाजपा मंडल अध्यक्ष कुसुम शर्मा ने समाज की मांग को गंभीरता से लेते हुए इसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष रखने की पहल की। मुख्यमंत्री के डौंडीलोहारा प्रवास के दौरान उन्होंने साहू समाज के लिए सभागार निर्माण की आवश्यकता बताते हुए राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसे पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभागार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति मिली।
राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो यह पहल कुसुम शर्मा की स्थानीय स्तर पर सक्रियता और समाज की मांगों को सरकार तक पहुंचाने की भूमिका को भी रेखांकित करती है। वहीं, लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने से साहू समाज में भी सकारात्मक माहौल बना है।

सभागार बनेगा सामाजिक गतिविधियों का केंद्र
स्वीकृत राशि से बनने वाला सभागार साहू समाज की बैठकों, सामाजिक आयोजनों, सामुदायिक कार्यक्रमों और रचनात्मक गतिविधियों के लिए स्थायी केंद्र के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। समाज के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि संगठन को एक स्थायी मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
एकता और संगठन पर जोर
इस अवसर पर कुसुम शर्मा ने साहू समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों से समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती आपसी विश्वास, सहयोग और एकजुटता से होती है। उन्होंने सामाजिक मतभेदों को पीछे छोड़कर समाजहित के मुद्दों पर सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की बात कही।
उन्होंने युवा पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक नेतृत्व से जोड़ने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार वरिष्ठों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा का समन्वय समाज के विकास को नई दिशा दे सकता है।
कुसुम शर्मा ने कहा कि प्रस्तावित सभागार आने वाले समय में समाज की एकता, संवाद और सामूहिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे समाज के लोगों को एक मंच पर बैठकर सामाजिक विषयों पर चर्चा और निर्णय लेने का अवसर मिलेगा।
समाज ने जताया आभार
तहसील साहू संघ के पदाधिकारियों ने सभागार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति को समाज की वर्षों पुरानी मांग की बड़ी उपलब्धि बताया। समाज ने इस मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और उसे गंभीरता से उठाने के लिए कुसुम शर्मा का आभार जताया। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।
इस अवसर पर तहसील साहू संघ अध्यक्ष परमानंद साहू, उपाध्यक्ष शिवेंद्र बहादुर साहू, उपाध्यक्ष लोकेश्वरी साहू, कोषाध्यक्ष खेमन्त कुमार साहू, संगठन सचिव निर्मला साहू, संयुक्त सचिव हुमन कलिहारी, संयुक्त सचिव यशवंत साहू, कर्मचारी प्रकोष्ठ संयोजक परमानंद साहू, सचिव पीलू राम साहू, संयुक्त सचिव रवि अटल, सदस्य संतोष साहू, नरेंद्र साहू (कसही), भोलाराम साहू, साकेत साहू, एनुका शार्वां, गोपी साहू, सुमीत साहू, अंकु साहू और गुलापी बाई सहित समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।














