अमरावती। आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में इंजीनियर परिवार के तीन सदस्यों की आत्महत्या के मामले में दस दिन बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में शूटिंग कोच सादिक खान का नाम सामने आया है। मृतका सौजन्या द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में सादिक पर उसके पति की हत्या करने, उसे लगातार प्रताड़ित करने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और बेटे को अगवा कर आतंकवादियों को बेचने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी सादिक खान को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट वारंट पर काकीनाडा लाए जाने के बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

रेल पुल से गोदावरी में लगाई छलांग
पुलिस के अनुसार, पिठापुरम में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर थिल्लापुडी नूकाराजू (61), उनकी पत्नी मीना (58) और बेटी सौजन्या (38) ने रेल पुल से गोदावरी नदी में छलांग लगाकर जान दे दी थी। सौजन्या का 10 वर्षीय बेटा रियांश भी उनके साथ था, लेकिन वह तैरकर खुद को बचाने में सफल रहा। करीब 20 मिनट बाद उसे बचा लिया गया। हालांकि नूकाराजू, मीना और सौजन्या की मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो मौके से सुसाइड नोट बरामद हुए। काकीनाडा के एसपी बिंदु माधव के अनुसार, जांच में सादिक खान का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर पांच राज्यों में दबिश दी और उसे मेरठ से गिरफ्तार कर लिया।
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
जांच के दौरान सौजन्या द्वारा लिखा गया पांच पन्नों का सुसाइड नोट पुलिस के हाथ लगा। इसमें उसने आरोप लगाया कि शूटिंग कोच सादिक ने पहले उसका भरोसा जीता और बाद में उसकी निजी जानकारी का इस्तेमाल कर उसे डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने लगा।
सौजन्या ने आरोप लगाया कि सादिक ने उसके पति को नुकसान पहुंचाया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। सुसाइड नोट के मुताबिक, उसे इस्लाम कबूल करने और इस्लामी किताबें पढ़कर रोजाना नोट्स बनाने के लिए दबाव डाला जाता था। विरोध करने पर मारपीट करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
सौजन्या ने यह भी आरोप लगाया कि सादिक ने उसके बैंक लॉकर की चाबियां, मोबाइल और संपत्ति से जुड़ी जानकारी धोखे से हासिल कर ली थी। पुलिस ने सुसाइड नोट में लगाए गए इन आरोपों को जांच का अहम हिस्सा बनाया है।

परिवार के वाहन से मिले तीन लिफाफे
पुलिस को घटना स्थल पर परिवार की कार से तीन लिफाफे भी मिले। इनमें एक पत्र सौजन्या का बताया गया है। पत्र में उसने सादिक पर भरोसा जीतने के बाद निजी जानकारी का दुरुपयोग करने, डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस के मुताबिक, सौजन्या के पिता नूकाराजू ने भी घटना से पहले जिला कलेक्टर और एसपी के नाम एक पत्र लिखा था। उन्होंने अपने साथियों को भी यह जानकारी व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजी थी। इन दस्तावेजों और सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।
पांच राज्यों में तलाश के बाद मेरठ से गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कीं। इन टीमों ने पांच राज्यों में उसकी तलाश की। लगातार दबिश के बाद पुलिस सादिक खान तक पहुंची और उसे मेरठ से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे ट्रांजिट वारंट पर काकीनाडा लाया, जहां अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ सुसाइड नोट और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच कर रही है।

जांच में कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इंजीनियर परिवार के तीन सदस्यों की मौत के मामले में सुसाइड नोट सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सादिक और परिवार के बीच संबंध किस तरह के थे, मृतका द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और परिवार को किन परिस्थितियों में आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
पुलिस बैंक लॉकर, मोबाइल, संपत्ति संबंधी जानकारी और परिवार के सदस्यों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों से पूरे मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।













