Skip to main content

प्रदेश रूचि

स्काउटिंग आंदोलन के जनक की 146वीं जयंती पर पौधरोपण, सैनिक भाइयों के लिए 150 राखियां तैयार

पंडित राम बाजपेयी की 146वीं जयंती पर पौधरोपण, सैनिकों के लिए 150 राखियां तैयार

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बालोद ने मनाई जयंती, तृतीय सोपान एवं निपुण प्रशिक्षण शिविर का भी हुआ समापन

बालोद। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ जिला संघ बालोद के तत्वावधान में स्काउटिंग आंदोलन के प्रमुख स्तंभ पंडित राम बाजपेयी की 146वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ वृहद पौधरोपण किया गया। वहीं देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के सम्मान में “एक राखी सैनिक भाई के नाम” और “ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 2026” अभियान के तहत करीब 150 हस्तनिर्मित राखियां तैयार की गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित राम बाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित अतिथियों एवं स्काउटिंग पदाधिकारियों ने उनके जीवन, राष्ट्रसेवा और भारतीय स्काउटिंग आंदोलन में योगदान पर प्रकाश डाला।

भारतीय स्काउटिंग आंदोलन की रखी मजबूत नींव

जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव ने कहा कि पंडित राम बाजपेयी को भारत में स्काउटिंग आंदोलन के जनक और प्रमुख स्तंभों में माना जाता है। ब्रिटिश काल में जब लॉर्ड बेडेन पॉवेल द्वारा शुरू किया गया मूल स्काउट आंदोलन भारतीय बच्चों के लिए पूरी तरह खुला नहीं था, तब राम बाजपेयी ने राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित होकर भारत में स्वदेशी स्काउटिंग की नींव रखी। वर्ष 1913 में उन्होंने भारतीय बच्चों के लिए पहला स्काउट दल शुरू किया।

उन्होंने कहा कि स्काउटिंग केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, राष्ट्रप्रेम और प्रकृति संरक्षण की भावना विकसित करने वाला आंदोलन है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए जयंती के अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

1937 में दिल्ली में हुआ था पहला औपचारिक जंबूरी

डीओसी स्काउट एवं शिविर संचालक नेमसिंह साहू ने बताया कि पंडित राम बाजपेयी के नेतृत्व में भारत में पहला औपचारिक जंबूरी 1 से 7 फरवरी 1937 तक दिल्ली में आयोजित किया गया था। इसमें भारतीय स्काउट्स ने अपनी क्षमता और संगठनात्मक दक्षता का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि राम बाजपेयी ने लॉर्ड बेडेन पॉवेल के समक्ष भी भारतीय स्काउटिंग की प्रभावी पहचान स्थापित की थी।

डीओसी गाइड एवं शिविर संचालक प्रेमलता चंद्राकर ने बताया कि ब्रिटिश स्काउट संगठन में ‘राजा के प्रति कर्तव्य’ की शपथ लेने की व्यवस्था थी। राम बाजपेयी और अन्य राष्ट्रवादी नेताओं ने इसका विरोध करते हुए स्काउटिंग में देश के प्रति निष्ठा और वफादारी की भावना को प्राथमिकता दिलाने का प्रयास किया। भारतीय स्काउटिंग में राष्ट्रप्रेम को महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

सैनिक भाइयों के लिए तैयार की 150 राखियां

जयंती कार्यक्रम के दौरान “एक राखी सैनिक भाई के नाम” और “ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 2026” अभियान के तहत गाइड एवं रेंजर बहनों ने करीब 150 हस्तनिर्मित राखियां तैयार कीं। इन राखियों को देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों तक पहुंचाने के लिए जिला संघ के पदाधिकारियों को सौंपा गया।

जिला संगठन आयुक्त स्काउट नेमसिंह साहू ने अपील की कि जिन संस्थाओं में राखियां तैयार की गई हैं, वे उन्हें जल्द से जल्द जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करें, ताकि समय पर सभी राखियां देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाई जा सकें।

 

124 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण

इस अवसर पर विकासखंड बालोद के तृतीय सोपान एवं निपुण प्रशिक्षण-जांच शिविर का भी समापन हुआ। शिविर में 124 प्रतिभागियों और 15 प्रभारी शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्काउटिंग के आधारभूत तत्व, आंदोलन का इतिहास एवं ज्ञान, स्काउट की व्याख्या, सिद्धांत, पद्धति एवं विधि, बीपी की जीवनी, ईश प्रार्थना, झंडा गीत, नियम, प्रतिज्ञा, बायां हाथ मिलाना, मोटो एवं आदर्श वाक्य सहित प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया गया।

इसके अलावा विभिन्न सोपानों की गांठ, लेसिंग, ट्रेसल, बीपी सिक्स, ध्वज शिष्टाचार, अनुमान लगाना, दिशा ज्ञान, कंपास, सीटी एवं हाथ के संकेत तथा मानचित्र संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी, शिक्षक और स्काउट-गाइड रहे मौजूद

पौधरोपण एवं जयंती कार्यक्रम में जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जेके खलको, जिला सचिव केएल गजेन्द्र, डीओसी नेमसिंह साहू, डीओसी प्रेमलता चंद्राकर, डीटीसी भुवन सिन्हा, वरिष्ठ कब मास्टर वाईपी गांगुली, विकासखंड सचिव रूपेन्द्र सिन्हा, मिलन सिन्हा, डॉ. आरडी साहू, कमला वर्मा, योगिता राजपूत, विवेक धुर्वे, नीलकमल चंदेल, मनीषा अग्रवाल और तुलसी डोंगरे सहित बड़ी संख्या में प्रभारी शिक्षक, स्काउट, गाइड, रोवर एवं रेंजर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन विकासखंड सचिव रूपेन्द्र सिन्हा ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जिला संघ बालोद के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!