समारोह के दौरान जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने “PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में जिले के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि धमतरी जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला और अभिनव प्रयास है, जिससे आधुनिक कृषि तकनीकों को सीधे किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में PACS को ‘वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं सहित कई सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा और किसानों को बेहतर व त्वरित सुविधाएं मिल सकेंगी।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और अधिकारियों ने धमतरी की इस पहल को कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित बदलाव का सफल उदाहरण बताया। उनका कहना था कि ड्रोन और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग से खेती की लागत कम होगी, उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।
राष्ट्रीय समारोह में देशभर के उत्कृष्ट सीएससी-वीएलई को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव, सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिल कुमार सहित देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सीएससी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
धमतरी के PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली यह पहचान न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित कृषि नवाचारों की बढ़ती स्वीकार्यता और ग्रामीण विकास की नई दिशा का भी मजबूत संकेत है।





















