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प्रदेश रूचि

जैन साधु-साध्वियों के पैदल विहार को मिलेगा सुरक्षा कवच, शासन के निर्णय का जैन समाज ने किया स्वागत

दल्लीराजहरा। चातुर्मास के पावन अवसर से पूर्व जैन साधु-साध्वियों द्वारा विभिन्न जिलों एवं नगरों की ओर पैदल विहार प्रारंभ हो चुका है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा को लेकर उठाए गए महत्वपूर्ण कदम का जैन समाज ने स्वागत किया है। विगत दिनों देश के विभिन्न राज्यों में पैदल विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर विहार मार्गों पर आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय न केवल जैन समाज की आस्था और धार्मिक परंपराओं के प्रति शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक उत्तरदायित्व की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


धार्मिक परंपरा के संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल
सकल जैन समाज दल्लीराजहरा की ओर से समाजसेवी स्वाधीन जैन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जैन साधु-साध्वियों का पैदल विहार जैन धर्म की अत्यंत प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है। साधु-साध्वियां अहिंसा, संयम और तपस्या का संदेश देते हुए पैदल यात्रा करती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों एवं व्यस्त सड़कों पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण साधु-साध्वियों और उनके साथ चलने वाले सेवकों को दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में आयोग द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश देना समय की मांग के अनुरूप एक दूरदर्शी निर्णय है।


धार्मिक स्वतंत्रता के साथ सुरक्षा भी प्राथमिकता
स्वाधीन जैन ने आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के उस वक्तव्य का भी स्वागत किया, जिसमें उन्होंने कहा कि “धार्मिक स्वतंत्रता एवं अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन एवं प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय जैन समाज की धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करेगा।
प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा
उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि आयोग के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जैन साधु-साध्वियों का विहार पूरी सुरक्षा, सम्मान और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।
जैन समाज ने जताया आभार
सकल जैन समाज दल्लीराजहरा ने इस निर्णय को जनहित एवं धार्मिक सौहार्द को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए कहा कि शासन द्वारा समय रहते उठाई गई यह पहल भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समाज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि शासन आगे भी सभी धार्मिक समुदायों की परंपराओं एवं सुरक्षा के प्रति इसी प्रकार संवेदनशील रहेगा।

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