पुलिस अधीक्षक चव्हाण ने कहा कि पुलिस और मीडिया लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। दोनों के बीच प्रभावी संवाद से आमजन तक सही, तथ्यपरक और समय पर जानकारी पहुंचती है, जिससे समाज में विश्वास और पारदर्शिता मजबूत होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बालोद पुलिस कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात व्यवस्था तथा पुलिस की सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां नियमित रूप से मीडिया के माध्यम से साझा करेगी।

कानून-व्यवस्था होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
एसपी ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष, संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली के साथ कार्य करेगी।
नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई
उन्होंने कहा कि जिले में अवैध नशे और मादक पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। नशा तस्करों पर कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान भी संचालित किए जाएंगे। अपराधों की रोकथाम के लिए सूचना तंत्र को और अधिक सक्रिय करते हुए तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और प्रभावी सूचना संकलन के आधार पर असामाजिक तत्वों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नई कानूनी व्यवस्था और एआई आधारित पुलिसिंग पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर अपराध अनुसंधान, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर पुलिसिंग को तकनीक-संपन्न बनाया जाएगा।

जनता से सीधा संवाद, शिकायतों का त्वरित निराकरण
उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना और चौकी स्तर पर आम नागरिकों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा। शिकायतों के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण के साथ बीट प्रणाली और सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का संबंध मजबूत हो सके।
सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार पर रहेगा विशेष फोकस
एसपी चव्हाण ने कहा कि जिले में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित करने के लिए सड़क सुरक्षा अभियान, यातायात नियमों के पालन, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधारात्मक उपाय तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, एसडीओपी बालोद बोनीफास एक्का, एसडीओपी गुरुर माया शर्मा, मुख्यालय डीएसपी श्रुति सिंह सहित जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने पुलिस, मीडिया और आमजन के सामूहिक सहयोग से बालोद को सुरक्षित, शांतिपूर्ण, नशामुक्त और अपराधमुक्त जिला बनाने का संकल्प दोहराया।




















