रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के साथ हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में समिति कक्ष में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया और मानसून सत्र के सफल संचालन की शुभकामनाएं दीं।

सदन में डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि
मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें सदन की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनका जाना कला और सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी अद्वितीय प्रतिभा से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई की प्रस्तुतियों में गायन, अभिनय, ओजपूर्ण वाणी और पात्रों का सजीव चित्रण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता था। उनका जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण रहा। जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी बेहद सीमित थी, उस समय उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने एशिया, यूरोप सहित दुनिया के अनेक देशों में अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया। वर्ष 2019 में उन्हें भारत सरकार ने देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत किया। यह सम्मान प्राप्त करने वाली वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र विभूति थीं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों से दूरभाष पर बात कर संवेदनाएं व्यक्त की थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों ने डॉ. तीजन बाई को डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित किया था। भारतीय लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उनकी कला, साधना और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता रहेगा।
अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन की ओर से दिवंगत डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी पुण्यात्मा को शांति तथा शोकाकुल परिजनों और असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।




















