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स्कूल बसों की सुरक्षा पर परिवहन विभाग सख्त: 21 बसों में मिली खामियां, तीन बसें जब्त

विशेष जांच अभियान में 48 बसों की हुई जांच, 15,500 रुपये का ई-चालान; 8 चालकों की आंखों में मिली समस्या

बालोद। स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला परिवहन कार्यालय बालोद ने स्कूल एवं कॉलेज बसों के लिए विशेष जांच अभियान चलाया। यातायात पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस अभियान में जिले में संचालित 48 स्कूल एवं कॉलेज बसों की तकनीकी जांच के साथ वाहन चालकों एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों पर कार्रवाई करते हुए 21 बसों पर कुल 15 हजार 500 रुपये का ई-चालान किया गया, जबकि फिटनेस प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने के बावजूद संचालित हो रही तीन बसों को जब्त कर लिया गया।

जिला परिवहन अधिकारी योगेश कुमार भंडारी ने बताया कि यह विशेष जांच शिविर सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली तथा परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्कूल बसों की तकनीकी स्थिति का मूल्यांकन कर विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना था।

सुरक्षा मानकों की हुई गहन जांच

निरीक्षण के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, टैक्स भुगतान, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशामक यंत्र सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों एवं दस्तावेजों की विस्तार से जांच की गई। जांच में 21 बसों में विभिन्न प्रकार की तकनीकी एवं सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं, जिसके चलते संबंधित संचालकों के विरुद्ध ई-चालान की कार्रवाई की गई।

फिटनेस समाप्त होने के बावजूद चल रही थीं तीन बसें

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि तीन स्कूल बसों का फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद उनका संचालन किया जा रहा था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों वाहनों को जब्त कर लिया।

जांच से अनुपस्थित स्कूल संचालकों को नोटिस

परिवहन विभाग ने उन स्कूल एवं कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ भी सख्ती दिखाई, जिन्होंने अपनी बसों को जांच शिविर में प्रस्तुत नहीं किया। ऐसे संचालकों को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर बसों को जांच के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में वाहन प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

43 चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण, आठ में मिली नेत्र संबंधी समस्या

विशेष अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा 43 वाहन चालकों एवं परिचालकों का नेत्र एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। परीक्षण के दौरान आठ चालकों में आंखों से संबंधित सामान्य समस्याएं पाई गईं। चिकित्सकों ने उन्हें चश्मा लगाने तथा समय-समय पर नेत्र परीक्षण कराने की सलाह दी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला प्रशासन का कहना है कि स्कूल बसों की नियमित तकनीकी जांच और चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण से विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

जांच अभियान में उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी योगेश कुमार भंडारी, उड़नदस्ता अधिकारी शशिकांत बंजारे, रवि ठाकुर, रमाकांत ठाकुर, जयप्रकाश साहू, तुकेश साहू, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मीनारायण वर्मा, नेत्र सहायक अधिकारी चन्द्रप्रकाश मिरी, मुकेश कुमार साहू सहित परिवहन, यातायात एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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