मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा— तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए योग को बनाएं दैनिक जीवन का हिस्सा, अमृत सरोवरों से लेकर न्यायालय, जेल और मनरेगा कार्यस्थलों तक दिखा योग का उत्साह
बालोद। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पूरे बालोद जिले में योग का उत्साह देखने को मिला। जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, न्यायालय, जिला जेल, स्कूलों, अमृत सरोवरों तथा मनरेगा कार्यस्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग (Yoga for Healthy Ageing)” रही, जिसके अनुरूप लोगों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का संदेश दिया गया।

जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम गंजपारा स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित हुआ, जिसमें स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य विरासत है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि तन, मन और आत्मा को स्वस्थ रखने की जीवनशैली है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से प्रतिदिन कम से कम एक घंटे योग एवं प्राणायाम के लिए निकालने की अपील करते हुए कहा कि मनुष्य के भीतर छिपी असीम ऊर्जा को योग के माध्यम से जागृत किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत उपस्थित लोगों को समाज, परिवार और राष्ट्र को नशे की बुराइयों से मुक्त बनाने का संकल्प भी दिलाया।

योगाचार्य धीरज शर्मा के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने ग्रीवा चालन, हस्तचालन, कटिचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन, मंडूकासन, दण्डासन, पद्मासन, अर्धहलासन, उत्तानपादासन, भुजंगासन, शलभासन, शशांकासन सहित अनेक योगासनों का अभ्यास किया। इसके बाद अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास कराया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, चेमन देशमुख, पवन साहू सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, रेडक्रॉस सोसायटी, स्काउट-गाइड्स, स्वयंसेवक, स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

इधर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में भी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्याम लाल नवरत्न के मार्गदर्शन में योग दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी, पैरालीगल वालंटियर्स एवं न्यायालयीन कर्मचारियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
डौण्डी विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम नर्रालगुड़ा में भी मनरेगा कार्यस्थल पर 80 से अधिक श्रमिकों ने शाखा नहर नवीनीकरण कार्य के दौरान सामूहिक योगाभ्यास किया। श्रमिकों ने विभिन्न योग मुद्राओं और प्राणायाम का अभ्यास कर योग के महत्व को आत्मसात किया।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी योग दिवस का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। जिले में महात्मा गांधी नरेगा के तहत निर्मित 111 अमृत सरोवरों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें मनरेगा श्रमिकों, स्कूली बच्चों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा अधिकारियों सहित कुल 5,870 लोगों ने सहभागिता की। योगाभ्यास के साथ जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और अमृत सरोवरों के संरक्षण को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। ग्रामीणों को विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं और जनभागीदारी से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

जिला जेल बालोद में भी प्रातःकालीन योग सत्र आयोजित किया गया, जहां योग शिक्षक रवि प्रकाश पांडेय ने बंदियों एवं जेल स्टाफ को योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ योग कर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन का संकल्प लिया।
योग दिवस के अवसर पर पूरे जिले में आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और निरोग जीवन की आधारशिला है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।




















